पुणे : नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए तर्क दिया कि अगर सरकार जाति जनगणना और निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के कारण 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू नहीं कर सकती है तो फिर मोदी आत्म-प्रशंसा वाले विज्ञापनों पर करोड़ों रुपये क्यों खर्च कर रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता गोपालदादा तिवारी ने शनिवार को अपने बयान में कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और हास्यास्पद है कि मोदी सरकार देशवासियों को गुमराह करने के लिए करदाताओं के करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। मोदी सरकार ने जो महिला आरक्षण विधेयक पारित किया है, वह एकतरफा है और बिल्कुल भी सच नहीं है। विधेयक में जाति जनगणना और निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन की शर्तें हैं।
तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री और उनकी सरकार प्रचार पर करोड़ों पैसा खर्च करके देशवासियों को मूर्ख क्यों बना रही है और यह दिखाने की कोशिश कर रही है कि महिलाओं को अब आरक्षण मिलेगा। उन्होंने कहा कि अगर मोदी सरकार ने महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण दिया है तो प्रधानमंत्री को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गर्व से इसकी घोषणा करनी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि चूंकि मोदी और उनकी सरकार का डीएनए झूठ है, इसलिए वह हमेशा देशवासियों को मूर्ख बनाते रहे हैं। तिवारी ने कहा ‘लोग महंगाई का दर्द सहन कर रहे हैं और गैस, पेट्रोल, डीजल, आवश्यक वस्तुओं पर दमनकारी करों का भुगतान कर रहे हैं।’
कांग्रेस ने मोदी पर निशाना साधा
