चित्तौड़गढ़ : राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में पदस्थ एक सिपाही को अपराधियों से मेल-जोल एवं उन्हें सहयोग करने पर पुलिस अधीक्षक ने निलंबित कर दिया है। पुलिस अधीक्षक राजन दुष्यंत ने बताया कि थाना शम्भूपुरा में नाकाबंदी के दौरान एक संदिग्ध कार बलेनो को रुकवाया जिसमे चार व्यक्ति सवार थे। जिसमें से पुलिस को देखकर एक व्यक्ति उतर कर भागा, जिसको जवानों ने पीछा कर पकड़ा।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान भोपालगढ थाने में एनडीपीएस एक्ट की तस्करी में वांछित दो हजार रुपये का ईनामी अपराधी भदेसर निवासी 26 वर्षीय राजु उर्फ राजेन्द्र गाडरी के रूप में हुई। दूसरा व्यक्ति जिला जयपुर ग्रामीण के मनोहरपुरा थाने में शराब तस्करी के मामले में वांछित एक हजार रुपये का ईनामी जोधपुर ग्रामीण के झुण की ढाणी पुलिस थाना कापरड़ा निवासी 26 वर्षीय अशोक विश्नोई निकला। वहीं तीसरा व्यक्ति दोतड़ी खेड़ा थाना भदेसर निवासी रतन दास वैष्णव था।
इस प्रकार ईनामी और वांछित अपराधियों को गाड़ी में बिठाकर ले जाने जैसा गंभीर अपराध किये जाने पर कॉन्स्टेबल की भूमिका संदिग्ध पाये जाने एवं अपराधियों का सहयोग करने पर कॉन्स्टेबल लालाराम मीणा को बुधवार को निलंबित कर प्राथमिक जांच शुरू की गई है। वहीं दोनों ईनामी बदमाशों राजेन्द्र गाडरी व अशोक विश्नोई को डिटेन किया गया है।
अपराधियों का सहयोग करने के आरोप में कॉन्स्टेबल निलंबित
