कानपुर देहात : उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले में पुलिस हिरासत में युवक की मौत के मामले में पुलिस को कठघरे में खड़ा करते हुये भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद देवेन्द्र सिंह भोले ने कहा कि जिला पुलिस का भ्रष्ट आचरण युवक की मौत का जिम्मेदार है।
थाना शिवली के अंतर्गत पुलिस हिरासत में संदिग्ध परिस्थितियों में लालपुर सरैंया में रहने वाले व्यापारी बलवंत की मौत के बाद पुलिस अधीक्षक सुनीति ने मंगलवार को नौ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था और परिजनों की तहरीर के आधार पर एसओजी प्रभारी और पुलिसकर्मियों समेत सात लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। शव का पोस्टमार्टम कानपुर नगर में तीन डॉक्टरों की पैनल की देखरेख में देर रात किया गया।
अकबरपुर से भाजपा सांसद देवेंद्र सिंह भोले ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुये पत्रकारों से कहा कि कानपुर देहात की पुलिस अधीक्षक भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देती हैं और उनके निर्देश पर यह घटना हुई है। मृतक व्यापारी था। गांव की पार्टी बंदी,निशानदेही और राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण बलवंत को पकड़ कर पुलिस ले गई। पुलिस ने रनिया से पकड़ा है। उसके बाद रनिया से मैथा पहुँचे फिर सार्वजनिक चौराहे पर मृतक बलवंत को मारा जबकि लूट की घटना का मुकदमा दर्ज कराने वाला मृतक के चाचा बार-बार कह रहे थे कि उनका भतीजा चोरी में नहीं शामिल है, इसको छोड़ दें लेकिन पुलिस ने उसको नहीं छोड़ा।
उन्होने कहा कि पुलिस अधीक्षक को अपने बंगले से निकलकर कहीं जाना ही नहीं है जिसके चलते कोई भी दिन ऐसा नहीं जाता है जब जिले में लूट की घटना न होती है। आज तक एक भी घटना का खुलासा पुलिस नहीं कर पाई है। इस घटना में पुलिस की घोर लापरवाही झलकती है।
श्री भोले ने पुलिस की कार्यशैली के साथ डॉक्टर पर भी सवाल खड़े किए और कहा कि डॉक्टर ने जो रिफर रिफर लेटर बनाया है। उसमें 11 तारीख की घटना दर्शाई गई है जबकि घटना 12-13 तारीख की रात में हुई है। पूरी तरह से गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा था। ऐसी स्थिति में परिवार को कानपुर देहात पोस्टमार्टम हाउस पर भरोसा नहीं था।जिसके चलते शासन में बात करने के बाद पोस्टमार्टम कानपुर नगर में कराया गया है।
उन्होंने कहा कि पुलिस कह रही है कि हार्टअटैक से मौत हुई है लेकिन दूध का दूध पानी का पानी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद हो जाएगा।
गौरतलब है कि कानपुर देहात के थाना शिवली के अंतर्गत छह दिसंबर को व्यापारी चंद्रभान के साथ हुई लूट की घटना के खुलासे में जुटी पुलिस टीम व एसओजी टीम ने संदेह के आधार पर पांच लोगों को हिरासत में लिया था जिसमें लूट का शिकार हुए चंद्रभान का भतीजा बलवंत भी मौजूद था। पूछताछ के दौरान बलवंत पुलिस की बर्बरता का शिकार हो गया और उसकी मौत हो गई जिसके बाद आनन-फानन में पुलिस अधीक्षक सुनीति के निर्देश पर 9 पुलिसकर्मी सस्पेंड कर दिए गए और वही पुलिस अधीक्षक ने जांच के लिए एसआईटी भी गठित कर दी। देर रात पांच पुलिसकर्मी सहित सात लोगों के ऊपर हत्या का मुकदमा भी दर्ज किया गया है।
पुलिस के भ्रष्ट आचरण ने ली युवक की जान
