» जल जनित एवं मच्छर जनित रोगों से मंडरा रहा संक्रमण का खतरा
» सीवर चैम्बर के खुले ढक्कन दे रहे हादसों को न्यौता
» नालियों के ओवर फ्लो से बढ़ी रही भीषण बिमारियों की आशंका
» जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान, पीड़ित परिवारों ने लगाई कई बार गुहार
कपिल शर्मा | गौरवशाली भारत
यमुना विहार | मानसूनी बारिश के कारण दिल्ली के कुछ भागों में आयी बाढ़ को देखते हुए और निचले इलाकों में जलभराव की समस्या की स्थिति से निपटने के लिए जहां एक तरफ दिल्ली सरकार ने जल जनित एवं मच्छर जनित रोगों से सावधान रहने की सलाह दे रही है। तो वहीं यमुना विहार इलाकों में रह रहे लोगों के लिए सीवर नालियों के पानी निकासी में रुकावट और जलभराव जैसी गंभीर समस्याओं से परेशान होना पड़ रहा है।

गौरवशाली भारत को मिली जानकारी में, यमुना विहार क्षेत्र जहां पर जरा सी बारिश होने पर जलभराव की समस्या बन जाती है और ऐसे में अगर नगर निगम कर्मचारी सही तरीके से अपना कार्य ना करें तो समस्या ज्यादा गंभीर हो जाती है यही समस्या क्षेत्र यमुना विहार के सी-वन ब्लॉक में बनी हुई है। पिछले 2 से 3 वर्षों से लगातार पीड़ित परिवार यहां के एमएलए और निगम पार्षद के दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन, समस्या जैस की तस बनी हुई है। जिम्मेदार इस गंभीर समस्या पर कोई संज्ञान नहीं ले रहे हैं। यहां तक कि, नगर निगम कर्मचारी भी इस एरिया में अपनी सेवाओं से वंचित दिखाई पड़ रहे हैं।
बता दें कि, इन नालियों के मध्य से पीने की पाइपलाइन समेत गैस ईंधन की एचपीजी पाइपलाइन भी गुजर रही है। चैम्बर के खुले ढक्कन सरेआम हादसों को न्यौता दे रहे हैं। साथ ही खुली नालियों के ओवर फ्लो से भीषण बिमारियों की आशंका बढ़ रही है। गली में फैला यत्र-तत्र कचरा सहित बदबूदार जलभराव से संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है। जहाँ एक तरफ सरकार स्वच्छ भारत अभियान को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित कर रही है वहीं यमुना विहार के इस क्षेत्र में नगर निगम पार्षद देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संचालित स्वच्छता अभियान को कमजोर करने में लगे हैं।
