- लंकेश्वर विजय दशमी उपलक्ष्य मन्दिर से पैदल चल प्रतिमाएँ पहुँची युद्धभूमि
- सियावर राजा रामचंद्र के जयकारों से श्रद्धालुओं ने किया उदघोष
- पालकी में सवार नरसिंह स्वरूप नारायण को भक्तों ने कराई नगर परिक्रमा
- प्रजा में सुख-शांति, धन-वैभव, यश-किर्ति सम्पन्नता हेतु की गई प्रार्थना
- शंख, शुद्ध पीतल कांसे से निर्मित घडिय़ाल झांझर की ध्वनि से श्रदालुओं ने की पूजा-अर्चना
- नाँगल चौधरी नगर में नरसिंह पालकी के नीचे से गुजरे हजारों श्रदालु
- देशभर में श्रद्धा भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया दशहरा
- राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई राज्यों में दशानन किया गया दहन
- अधर्म पर धर्म की जीत में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की नगर में निकाली विजय शोभायात्रा
- थाना प्रभारी रामनाथ दशानन दहन कार्यक्रम में हुए शामिल
- कटला मंडी और कृष्णावती नदी जीण माता मन्दिर समीप रावण के फूंके पुतले
- बाल कलाकारों ने सीताराम – लक्ष्मण हनुमान की निभाई भूमिका
कपिल शर्मा/गौरवशाली भारत
देशभर में बुधवार को विजय दशमी पर्व श्रद्धा भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक दशहरा पर्व पर लंकेश्वर रावण समेत मेघनाथ, कुंभकर्ण के पुतले जलाए गए। हरियाणा जिला महेंद्रगढ़ स्थित विधानसभा क्षेत्र नाँगल चौधरी में प्रत्येक वर्ष की भांँति भगवान नारायण स्वरूप नरसिंह मन्दिर में दशानन पुतला दहन से पूर्व करीब शाम सवा चार बजे नगर में भगवान की विजय शोभायात्रा निकाली गई। आचार्य पण्डित कुमुद किशोर शास्त्री ने गौरवशाली भारत से विशेष बातचीत में बताया कि, नगर में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की विजय दशमी तिथि को भगवान नरसिंह जी के डोले स्वरूप विजय पालकी यात्रा निकाली गयी है। यह प्राचीन परंपरा ग्राम्य जीवन के आरंभिक आदिकाल निर्मित सैकड़ों वर्षों पूर्व से चली आ रही है।
हालांँकि, प्राचीन मन्दिर नरसिंह भगवान नारायण स्वरूप को दशहरा से पूर्व भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की जलझूलनी एकादशी को भी शोभायात्रा (डोले) निकाले जाते हैं। उस दौरान मन्दिर से पैदल सवार पालकी में नारायण प्रतिमाओं को गाँव के जलयुक्त जोहड़ समीप ले जाकर पूजा-अर्चना पश्चात पुन: मन्दिर प्रांगण में प्रवेश करवाया जाता है। दशहरा पर्व पर विशेष विजय शोभायात्रा (डोले) निकाले जाते हैं। इस दशमी दिवस पर रघुकुल श्रीरोमणी श्री रघुनाथ-जानकी का संरक्षण हेतु भगवान मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम सेना सहित सवारी करते हुए महासंग्राम उदेश्य से रणभूमि मध्य रावण का वध करने के लिए युद्धक्षेत्र में उतरते हैं।

असत्य पर सत्य की जीत एवं अधर्म पर धर्म की जीत को लेकर इस दिवस भगवान नरसिंह नारायण की प्रतिमाओं का मन्दिर से भव्य श्रंगार सहित पालकी द्वारा कांधो और कोहनी के बल सहारे से मन्दिर पुजारी और गाँव समाज के प्रमुख व्यक्तियों द्वारा पालकी को नगर परिक्रमा करते हुए कृष्णावती नदी स्थित बिजानाथ मन्दिर समीप ले जाया जाता है। महासंग्राम में लंकापति रावण समेत असंख्य दैत्यों का वध कर वहां से पुनः श्रीराम जी की सवारी नगरवासियों द्वारा भगवान श्रीराम का विजय जय घोष करते हुए नरसिंह मन्दिर में प्रतिमा पालकी को लाया जाता है। इस दशहरा त्यौंहार पर वार्ड 6 की पार्षद अनिता कुमारी मीणा प्रतिनिधि रमेश कुमार मीणा नगरवासियों द्वारा दशानन पुतला दहन किया गया है। जीण माता मन्दिर समीप बनाया गया करीब छह फीट से अधिक रावण का पुतला फूंका गया। इस कार्यक्रम में फूसा राम प्रजापति, अधिवक्ता दीपक आदि नगरवासी उपस्थित रहे।
आचार्य पण्डित कुमुद किशोर शास्त्री द्वारा मिली जानकारी में बताया गया कि कस्बे में हर वर्ष की भांति असत्य पर सत्य की जीत को लेकर दशानन का विशाल पुतला बनाया जाता था। लेकिन, गांँव समाज में आंशिक लौट/पोट होने और अप्रिय घटनाओं के चलते विशाल पुतला बनाने का कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया। अब वार्ड अनुसार बच्चे अपने स्तर पर मनोरंजन और सनातन संस्कृति स्मरणीय बनाने हेतु छोटे पुतले स्वरूप दशानन बनाकर उन्हें जलाए जाते हैं। पण्डित कुमुद किशोर शास्त्री ने प्राचीन परंपरागत नरसिंह विजय शोभायात्रा ज़िक्र में कहा कि, इस कार्यक्रम में मन्दिर संचालक कृष्ण पुजारी समेत पण्डित भवानी शंकर जोशी, लोकेन्द्र, इंदर नंबरदार, सुनिल वत्स, प्रमोद वत्स, नवीन वत्स, मास्टर श्याम सुंदर वर्मा समेत शहर के गणमान्य स्वजन उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि, दशहरा कार्यक्रम के दौरान राष्ट्र स्वमं सेवक द्वारा शस्त्र पूजन कार्यक्रम भी किया गया। जिसमें आरएसएस कार्यवाहक विवेक शर्मा सहित समूह के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

शहर के वार्ड संख्या 8 एवं 10 के समीप कटला मंडी परिसर बीएसएनएल टावर करीब भी बच्चों द्वारा दशानन पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में शहर के थाना प्रभारी रामनाथ मुख्य अतिथि स्वरूप शामिल हुए। विशिष्ट अतिथि बतौर श्याम सुंदर अग्रवाल, सेवानिवृत्त अनुभाग अधिकारी पंडित शिव शंकर शर्मा उपस्थित हुए। इस कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने करीब 6 फीट का दशानन पुतला बनाया जिसे राम की भूमिका का निर्वहन करते हुए विश्वास बंसल ने तीर कमान से दशानन को 6 बजकर 40 मिनट पर आग के हवाले किया।

दशहरा पर्व उपलक्ष्य वार्ड संख्या 8/10 के विद्यार्थियों द्वारा चंदा एकत्रित कर दशानन पुतला बनाने की कला का प्रयास बिते 5 वर्षों से लगातार देखते हुए स्थानीय वासियों द्वारा सराहनीय कार्य बताया गया। इस विशेष पर्व विजय दशमी पर दशानन दहन समारोह के दौरान मुख्य अतिथि स्वरूप शामिल हुए थाना प्रभारी रामनाथ द्वारा बच्चों का मनोबल बढ़ाया गया। उन्होंने नन्हें बाल कलाकारों द्वारा प्रस्तुति की सराहना करते हुए उन्हें पारितोषिक स्वरूप पाँच सौ रुपये नकद राशि प्रदान किया गया। इस कार्यक्रम में दशानन पुतला निर्माण विधि में विशेष श्रंगार सहयोग करते हुए आँगनवाड़ी केंद्र संचालिका पारुल वर्मा सहित बालिका रितिका, दीया, माहीं, मुस्कान, खुशबू, उज्वल, लड्डू विश्वास समेत अन्य करीबी बच्चों की उपस्थिति के साथ-साथ उनके अभिभावक की मौजूदगी सहित दर्शक दिर्घा में पुस्कर सोनी, किशन सोनी, नरेश वर्मा, अनुराग, यशु, गुन्नू, बंटी आदि स्वजन उपस्थित रहे।
