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मेरठ : मेरठ नगर निगम द्वारा बनाए गए करीब ढाई लाख जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्रों का डाटा नगर निगम के पास नहीं है। प्रदेश स्तर पर शुरू की गई ई-नगर सेवा पोर्टल के बंद होने के बाद से यह डाटा गायब हो गया है। अब नगर निगम में जांच के लिए आने वाले जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्रों का सत्यापन करना सिरदर्द बना हुआ है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा.गजेन्द्र सिंह का कहना है कि ई नगर सेवा पोर्टल को फिर से शुरू कराने के लिए शासन को पत्र लिखा है।
फिलहाल डाटा उपलब्ध नहीं है। नगर निगम में 2013 से पहले बनने वाले जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र हाथ से तैयार कर आवेदक को दिए जाते थे। 2013 में शासन ने इसे कैंसिल कर ई- नगर सेवा नाम से पोर्टल शुरू किया। नगर निगम द्वारा जारी किए जाने वाले जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र ई नगर सेवा पोर्टल पर अपलोड किए जाते थे। ऑनलाइन ही प्रमाण पत्र निकाले जाते थे। अस्पताल और घरों में जन्मे बच्चे या किसी की मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए इसी पोर्टल पर जानकारी अपलोड और उसका सत्यापन होने के बाद नगर निगम द्वारा प्रमाण पत्र जारी किया जाता था।
2020 में सरकार ने इस पोर्टल को बंद कर नया सीआरएस नाम से पोर्टल शुरू कर दिया। नया पोर्टल शुरू होने के बाद ई नगर सेवा पोर्टल पर बनाए गए करीब दो लाख 50 हजार जन्म मृत्यु प्रमाण पत्रों का डाटा गायब हो गया। 2020 से पहले बने दो लाख 50 हजार जन्म मृत्यु प्रमाण पत्रों का डाटा नगर निगम के पास उपलब्ध नहीं है। ई नगर सेवा पोर्टल के बंद होने से नगर निगम के सामने तो परेशानी हो ही रही है, लोगों के सामने भी परेशानी आ रही है।
बच्चों के दाखिले के समय दिया जाने वाला जन्म प्रमाण पत्र जब आनलाइन चेक किया जा रहा है तो उसका कोई डाटा नहीं होने के कारण दाखिल किया गया जन्म प्रमाण पत्र कैंसिल हो रहा है। कर्मचारियों का कहना कि विभाग में प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए आते हैं। जैसे किसी का विदेश के लिए वीजा लगना है तो किसी को कोर्ट में दाखिल कागज आदि पोर्टल के बंद होने से उनका सत्यापन नहीं होने के कारण वह कैंसिल हो रहे हैं।
नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गजेंद्र सिंह के मुताबिक ई नगर सेवा पोर्टल के बंद होने के कारण बड़ी परेशानी हो गई है। ऑनलाइन डाटा ही उपलब्ध नहीं है। ऐसे में 2020 से पहले बने जन्म मृत्यु प्रमाण पत्रों का विभाग के पास डाटा नहीं होने के कारण उनका सत्यापन करना बहुत मुश्किल हो रहा है। सत्यापन के लिए शासन को पत्र लिखकर पोर्टल को फिर से शुरू किए जाने को कहा गया है। इससे जनता और विभाग दोनों को आसानी होगी
