नई दिल्ली : सोने की कीमतों में तेजी आने के साथ ही वैश्विक स्तर की अनिश्चितता की स्थिति के कारण लोगों के अधिक व्यय करने से बचने की वजह से देश में दूसरी तिमाही में पीली धातु की मांग में सात प्रतिशत की कमी रही है और अप्रैल से जून की इस तिमाही में भारत में 158.1 टन सोने की बिक्री हुयी है।
विश्व स्वर्ण परिषद की आज जारी एक रिपोर्ट में यह बात कही गयी है। इसमें कहा गया है कि पिछले वर्ष की दूसरी तिमाही में देश में 170.7 टन सोने की बिक्री हुयी थी जबकि इस वर्ष की समान अवधि में यह घटकर 158.1 टन रह गया। इसमें कहा गया है कि पहली छमाही में देश में कुल मिलाकर 271 टन सोने की मांग रही है और यदि मानसून ने साथ दिया तथा त्योहारी सीजन विशेषकर दिवाली के समय मांग आयी तो इस वर्ष भारत में 650 से 750 टन सोना बिक सकता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि हालांकि कीमतों में हुय वृद्धि के कारण दूसरी तिमाही में 82530 करोड़ रुपये का सोना बिका है जबकि वर्ष 2022 की दूसरी तिमाही में यह आंकड़ा 79270 करोड़ रुपये रहा है। इस वर्ष की दूसरी तिमाही में भारत में कुल आभूषण की मांग 2022 की दूसरी तिमाही के 140.3 टन की तुलना में आठ प्रतिशत कम होकर 128.6 टन रही।o आभूषण की मांग का मूल्य 67,120 करोड़ रुपये था, जो 2022 की दूसरी तिमाही 65,140 करोड़ रुपये से 3 प्रतिशत की वृद्धि है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2023 की दूसरी तिमाही में कुल निवेश मांग 2022 की दूसरी तिमाही के 30.4 टन की तुलना में 3 प्रतिशत घटकर 29.5 टन रह गई। 2023 की दूसरी तिमाही में भारत में पुनर्चक्रित कुल सोना 37.6 टन था, जबकि 2022 की दूसरी तिमाही में 23.3 टन की तुलना में 61 प्रतिशत की वृद्धि हुई। 2023 की दूसरी तिमाही में भारत में कुल सोने का आयात 209 टन था, जबकि 2022 की दूसरी तिमाही के 180.7 टन की तुलना में 16 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
दूसरी तिमाही में देश में सोने की मांग में कमी
