नयी दिल्ली : दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने पंजाब के मोहाली में खुफिया मुख्यालय पर रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आरपीजी) हमले और कुरुक्षेत्र आईईडी बरामदगी मामलों में बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया है। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि एक किशोर समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपी अर्शदीप और एक किशोर को गुजरात के जामनगर से गिरफ्तार किया गया है।
दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त एचजीएस धालीवाल के अनुसार, पकड़े गए आरोपी पाकिस्तान स्थित खालिस्तानी आतंकवादी हरविंदर सिंह उर्फ रिंडा और कनाडा स्थित गैंगस्टर से आतंकवादी बने लखबीर सिंह लांडा के संयुक्त आतंकी नेटवर्क के महत्वपूर्ण लोग हैं।
गौरतलब है कि गत नौ मई की देर शाम पंजाब पुलिस के खुफिया मुख्यालय पर आरपीजी फायरिंग की गई। जांच के दौरान, यह स्थापित हुआ कि हमला बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) की साजिश थी, जिसे पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) और स्थानीय गैंगस्टरों का समर्थन प्राप्त था। यह भी स्थापित हुआ कि हमले की साजिश गैंगस्टर से आईएसआई की कठपुतली रिंडा ने की थी। एक अन्य भगोड़ा गैंगस्टर लांडा ने जनशक्ति, रसद और संसाधनों को साझा करने के लिए रिंडा के साथ हाथ मिलाया था।
श्री धालीवाल ने दावा किया कि नवांशहर में अपराध जांच एजेंसी (सीआईए) के कार्यालय पर ग्रेनेड हमले और इस साल की शुरुआत में हरियाणा के करनाल में पाकिस्तान से जुड़े चार संदिग्ध आतंकवादियों की गिरफ्तारी में रिंडा का नाम पहले ही सामने आ चुका था। श्री धालीवाल ने कहा कि अन्य आरोपी अर्शदीप है, जो शाहाबाद, कुरुक्षेत्र के आईईडी बरामदगी मामले और पंजाब के तरनतारन के सिरहाली थाना के आईईडी बरामदगी मामले में वांछित था।
दोनों भगोड़े गैंगस्टर आतंकवादी गुर्गों में बदल गए और अपने संसाधनों को जमा कर लिया और वर्तमान में पकड़े गए व्यक्तियों को सुरक्षित रहने तथा भविष्य के काम के लिए एक-दूसरे से जोड़ा गया। उन्होंने कहा कि पकड़े गए किशोर को जेजेबी के समक्ष पेश किया गया और गिरफ्तार आरोपी अर्शदीप को यूएपीए कोर्ट में पेश किया गया।
