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दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी द्वारा (A Library in the Cultural Space of Megapolis) विषय पर व्याख्यान का आयोजन

नई दिल्ली : दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा दिनांक 03 अप्रैल 2023 को दोपहर 3.00 बजे “महानगरों में पुस्तकालय सांस्कृतिक केंद्र के रूप मे” (A Library in the Cultural Space of Megapolis) विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया । दिल्ली लाइब्रेरी बोर्ड के अध्यक्ष श्री सुभाष चन्द्र कानखेड़िया की अध्यक्षता एवं महानिदेशक डॉ. आर. के. शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में वी. मायाकोवस्की पुस्तकालय की शैक्षणिक सचिव, रूसी लाइब्रेरी एसोसिएशन की बोर्ड सदस्य और अंतर्राष्ट्रीय पुस्तकालय सहयोग की विशेषज्ञा डॉ. स्वेतलाना ए. गोरोखोवा उपस्थित रही । इस अवसर पर दिल्ली लाइब्रेरी बोर्ड की सदस्या श्रीमती विभा लाल चावला एवं डॉ. रुचिका राय मदान भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं ।

दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी की सहायक पुस्तकालय एवं सूचना अधिकारी श्रीमती उर्मिला रौतेला द्वारा मंच संचालन करते हुए विशिष्ट अतिथियों को मंच पर आमंत्रित किया गया तथा दीप प्रज्ज्वलन से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ I डॉ. आर. के. शर्मा ने कहा कि दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी द्वारा पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान के व्यवसायिओं एवं विद्यार्थियों के लिए व्याख्यान का आयोजन किया जाना उनके लिए अत्यंत हर्ष की बात है । दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी में उनके कार्यकाल के दौरान आयोजित किया जाने वाला यह इस प्रकार का पहला व्याख्यान है । वह इसके लिए काफी उत्साहित हैं, क्योंकि इस व्याख्यान के माध्यम से पुस्तकालय विज्ञान के व्यवसायी एवं विद्यार्थी लाभान्वित हो सकेंगे। उन्होंने कार्यक्रम की मुख्य वक्ता, विशिष्ट अतिथियों एवं श्रोताओं का स्वागत कर कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की।

डॉ. स्वेतलाना ए. गोरोखोवा ने अपना व्याख्यान अपनी व्यावसायिक पृष्ठभूमि के संक्षिप्त विवरण के साथ प्रारंभ किया। उन्होंने एक वीडियो के जरिए रूस की सांस्कृतिक राजधानी, सेंट पीटर्सबर्ग शहर के विषय में विशेष रूप से फ्लोटिंग रोड, आधारभूत संरचना, भवन, निर्माण, यातायात आदि पर प्रकाश डाला। उन्होंने सेंट पीटर्सबर्ग लाइब्रेरी सोसाइटी के उपयोगकर्ताओं के व्यवहार, पुस्तकालय भवन संरचना, संग्रह, पुस्तकालय कर्मचारी, लाइब्रेरी बजट, भौतिक मीडिया का परिचालन, आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रम आदि के विषय में पीपीटी के माध्यम से जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं और स्थान की गुणवत्ता उसके उपयोगकर्ताओं की संख्या को प्रभावित करती है। पुस्तकालय स्थान में वृद्धि से पीटर्सबर्ग लाइब्रेरी सोसाइटी में वर्ष 2022 में 60% नए पंजीकृत सदस्यों की संख्या में वृद्धि हुई है। उन्होंने श्रोताओं को यह भी बताया कि 27 मई रूस में राष्ट्रीय पुस्तकालय दिवस के रूप में मनाया जाता है। पुस्तकालयों के भविष्य पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी को किस प्रकार एक सांस्कृतिक केंद्र के रूप में बदला जा सकता है और अधिक उपयोगकर्ताओं को आकर्षित किया जा सकता है इस पर अपने विचार व्यक्त किए।
इस व्याख्यान के पश्चात प्रश्नोत्तर सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें श्रोताओं ने डॉ गोरोखोवा से आज के डिजिटल युग में पुस्तकालय के महत्ता को कैसे बनाए रखा जाए प्रश्न किया और उन्होंने अपने उत्तर में कहा कि इंटरनेट, सॉफ्टवेयर, टेक्नोलॉजी के विकास को हमें अपनाना होगा और इनका उपयोग कर पुस्तकों को और दिलचस्प बनाना होगा । जिससे यह सत्र और अधिक जीवंत हो उठा ।
सुभाष चन्द्र कानखेड़िया ने दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी के संक्षिप्त इतिहास, प्रशासन, दिल्ली लाइब्रेरी बोर्ड, पुस्तकालय शाखाएँ, सेवाएँ आदि के विषय में सभी को जानकारी प्रदान की तथा दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी से हाल ही में प्रकाशित स्मरणिका, जो कि पुस्तकालय में आयोजित प्रमुख सांस्कृतिक, सामाजिक और प्रशासनिक गतिविधियों का संयोजन है, डॉ. गोरोखोवा को भेंट की I
अंत में दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी के पुस्तकालय एवं सूचना अधिकारी श्री नरेंद्र सिंह धामी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करने के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ ।

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