नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट की कोलेजियम व्यवस्था को समाप्त करके हाई कोर्ट जजों की नियुक्ति के लिए लिखित परीक्षा की मांग को लेकर जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया गया। सुप्रीम कोर्ट की कॉलेजियम व्यवस्था को समाप्त करके हाई कोर्ट जजों की नियुक्ति के लिए अखिल भारतीय हाई कोर्ट जुडिशल कमिशन स्थापित करके लिखित परीक्षा की मांग को लेकर के लोग समाज पार्टी के अधिवक्ता सभा के द्वारा जंतर मंतर पर जोरदार प्रदर्शन किया गया जिसका नेतृत्व लोक समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरीशंकर शर्मा (एडवोकेट) ने किया ।इस अवसर पर काफी संख्या में पार्टी के पदाधिकारी तथा अधिवक्ता गण मौजूद रहे ।प्रदर्शन के बाद भारत सरकार के प्रधानमंत्री , भारत सरकार के कानून मंत्री और देश के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस वाई वी चंद्र चूड़ के नाम पर ज्ञापन भेजा गया ।उस ज्ञापन में यह मांग किया गया कि भाई भतीजावाद वा जातिवाद से संपन्न कोलेजियम व्यवस्था को समाप्त करके पूरे देश में अखिल भारतीय हाई कोर्ट जुडिशल कमिशन की स्थापना किया जाए। जिसकी जिम्मेदारी देश के चुनिंदा विधि प्रोफेसरों को दिया जाए
अखिल भारतीय हाई कोर्ट जुडिशल कमिशन को संचालित करने वाले अध्यक्ष सहित सभी सदस्यों के खिलाफ भी जिम्मेदारी के लिए कानून बनना चाहिए कि अगर वे लोग हाईकोर्ट की नियुक्ति हाईकोर्ट के जजों की नियुक्ति में गलत काम करते हैं तो उनके खिलाफ भी कम से कम 10 साल की सजा का प्रावधान का कानून बनाया जाए। जब इस तरह से कानून बन जाएगा तो वह लोग गलत नियुक्ति करने के पहले सौ बार सोचेंगे।
वर्तमान सुप्रीम कोर्ट की कॉलेजियम व्यवस्था में देश के जितने भी अधिवक्ता है या देश के जितने भी जिला जज हैं जो संविधान के अनुच्छेद 217 की योग्यताओं को पूरा करते हैं उनको शामिल होने को अवसर नहीं मिलता है। सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम व्यवस्था के जो 5 सीनियर मोस्ट जज होते हैं उनकी निगाह सिर्फ अपनी-अपनी लोगों तक पहुंचती है और इस प्रकार बहुत बड़ी आबादी के के परिवार के लोगों को हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा बंद कर दिया गया है। सिर्फ कुछ ही चुनिंदा घराने है सौ, डेढ़ सौघराने हैं, उन्हीं के परिवार से लोग हाईकोर्ट जज बनते चले आ रहे हैं ।यह व्यवस्था संविधान के खिलाफ है जब भारत का संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया था और इस संविधान के जांच कमेटी के अध्यक्ष डॉक्टर भीमराव अंबेडकर और उनके सदस्यों ने कभी नहीं सोचा होगा कि आगे चलकर के यह व्यवस्था इतनी गलत हो जाएगी की बहुत बड़ी आबादी के लिए यह अन्याय साबित होगा।
लोक समाज पार्टी के विजन में भी है की सत्ता में आने के बादकोलेजियम व्यवस्था खत्म करेंगे ।बल्कि हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जजों के अपराधिक मामले में जो कवच है महाभियोग उसको भी खत्म कर दिया जाएगा और हाईकोर्ट के जजों की नियुक्ति के लिए पूरे देश में अखिल भारतीय हाई कोर्ट जुडिशल कमिशन की स्थापना होगी जिसकी जिम्मेदारी देश के चुनिंदा 15_20 विधि प्रोफेसरों की होगी और उनके खिलाफ भी कानून बनेगा अगर वह गलत नियुक्ति करते हैं। जब यह प्रक्रिया लागू हो जाएगी तो देश में जितने भी अधिवक्ता या जिला जज हैं जो संविधान के अनुच्छेद 217 की योग्यताओं को पूरा करते हैं सबको शामिल होने का अवसर मिलेगा जो पास होगा वह हाईकोर्ट जज बनेगा ।इससे संकल्प विकल्प के साथ लोक समाज पार्टी पूरे देश में चल रही है ।आज जंतर-मंतर पर यह सांकेतिक प्रदर्शन किया गया और इस पर सुप्रीम कोर्ट के जज अपने इस प्रक्रिया से नहीं हटे तो जनवरी 2023 के सेकंड वीक में सुप्रीम कोर्ट में प्रदर्शन किया जाएगा। इस मौक़े पैर लोक समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव वचन सिंह करौतिया, मज़दूर सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश कुमार सेन, दिल्ली प्रदेश के कार्यकारी अध्यक्ष राम गोपाल चौहान, पूर्वी दिल्ली के जिला अध्यक्ष सतपाल, शाहदरा जिला अध्यक्ष ऐडवोकेट अरविंद नागर, रोहित चौहान, गौरव चौहान, अंशु राजपूत, शुभम देवेंद्र सिंह चौहान, गजराज ,शिवम, मनमोहन कपिल ढाका ,अधिवक्ता पूनम चेतनदास, एडवोकेट रितु अंकुर शर्मा एडवोकेट अरुण ,एडवोकेट राहुल त्यागी, एडवोकेट हरीश प्रसाद ,एडवोकेट विकास तोमर एडवोकेट ज्योति सैनी, संजीव मंगल शिवपूजन विश्वकर्मा सहित दर्जनों लोग शामिल रहे।
जजों की नियुक्ति के लिए लिखित परीक्षा की मांग को लेकर जंतर मंतर पर प्रदर्शन
