जयपुर : राजस्थान में ओबीसी आरक्षण में विसंगतियों को दूर करने की मांग को लेकर आज राजधानी जयपुर में युवाओं ने प्रदर्शन किया। ओबीसी आरक्षण संघर्ष समिति के आह्वान पर इस मामले को लेकर यहां शहीद स्मारक पर धरना दिया गया और इसमें राज्य भर से ओबीसी वर्ग के लोग शामिल हुए। पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस विधायक हरीश चौधरी इस मांग को लेकर अपनी ही सरकार के खिलाफ खड़े नजर आये।
इस मौके श्री चौधरी ने कहा कि प्रदेश में ओबीसी वर्ग को 21 प्रतिशत आरक्षण मिला हुआ है। तत्कालीन सरकार ने 17 अप्रैल 2018 को आदेश जारी कर ओबीसी सहित अन्य कैटेगरी के आरक्षण में भूतपूर्व सैनिकों के आरक्षण कोटे को खत्म कर मूल सरकारी भर्ती के कुल पदों में से भूतपूर्व सैनिकों का 12.5 प्रतिशत कोटा तय किया था। इससे कुल पदों में ओबीसी की आबादी ज्यादा होने से भूतपूर्व सैनिकों में सबसे ज्यादा ओबीसी वर्ग के भूतपूर्व सैनिकों का चयन होता है।
इसके बाद सरकार इन भूतपूर्व सैनिकों को आरक्षण वर्गों की कैटेगरी में कटौती करती है। इससे ओबीसी के 21 प्रतिशत आरक्षण कोटे के अधिकांश पदों पर भूतपूर्व सैनिक काबिज हो जाते हैं। ओबीसी के मूल वर्ग के युवाओं को 21 प्रतिशत आरक्षण होने के बावजूद भर्ती में पद नहीं मिलते।
युवाओं के प्रदर्शन के बीच मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अधिकारियों को ओबीसी आरक्षण के संबंध में विसंगतियों को दूर करने के निर्देश दिए। श्री गहलोत सोशल मीडिया पर कहा कि ओबीसी आरक्षण के संबंध में पैदा हुईं विसंगतयों का सकारात्मक हल करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया। विभागीय और कानूनी राय लेकर इस मुद्दे का जल्द से जल्द समाधान किया जायेगा जससे यह न्यायिक प्रक्रिया में ना अटके।
इसके बाद प्रदर्शनकारियों की मुख्यमंत्री कार्यालय में अधिकारियों के बैठक हुई जिसमें श्री हरीश चौधरी एवं जाट सभा के अध्यक्ष राजाराम मील भी शामिल हुए। उधर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने ट्वीट कर कहा कि ओबीसी आरक्षण विसंगति के विषय को लेकर युवा आंदोलनरत हैं. इस विषय पर आज आंदोलनकारियों के प्रतिनिधि दल के साथ मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित बैठक में हिस्सा लेकर इस विसंगति को दूर करने की सकारात्मक चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि वार्ता सकारात्मक रही हैं। इससे पहले प्रदर्शन के बाद सड़क पर युवाओं के रैली के रुप में नजर आने पर जगह जगह जाम लग गया।
