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 डीआईजी विजयकुमार ने खुद को गोली मारी

चेन्नई : तमिलनाडु में एक चौंकाने वाली घटना में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारी एवं कोयंबटूर रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) सी.विजयकुमार ने शुक्रवार सुबह कोयंबटूर स्थित अपने कैंप कार्यालय में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
शुरुआती रिपोर्टों में कहा गया है कि पारिवारिक परेशानी के कारण उन्होंने यह चरम कदम उठाया। वर्ष 2009 बैच के आईपीएस अधिकारी ने इस साल जनवरी में कोयंबटूर रेंज के डीआईजी के रूप में कार्यभार संभाला था। पुलिस ने कहा कि सुबह की सैर से लौटने के बाद डीआइजी ने चरम कदम उठाया। वह अपने कैंप कार्यालय गए तथा अपने सुरक्षा गार्ड की पिस्तौल ली और खुद को गोली मार ली।
रिपोर्टाें में कहा गया है कि वह काफी समय से डिप्रेशन की दवा ले रहे थे। पोस्टमार्टम के बाद श्री विजयकुमार के शव को उनके पैतृक जिले थेनी ले जाया गया, जहां तमिलनाडु के पुलिस महानिदेशक और पुलिस बल के प्रमुख शंकर जीवाल ने उनके अंतिम दर्शन किए और उनके परिवार के सदस्यों को सांत्वना दी। कई अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और बड़ी संख्या में लोगों ने भी उनके अंतिम दर्शन किये।
तमिलनाडु के राज्यपाल आर एन रवि, मुख्यमंत्री एम.के.स्टालिन तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने श्री विजयकुमार के निधन पर शोक व्यक्त किया। राज्यपाल ने कहा,“एक युवा और प्रतिभाशाली पुलिस अधिकारी सी. विजयकुमार को खोने के बारे में जानना मेरे लिए दुखद है। उनके शोक संतप्त परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। ओम शांति!” द्रमुक प्रमुख स्टालिन ने अपने संदेश में कहा कि वह श्री विजयकुमार की मृत्यु से स्तब्ध और दुखी हैं।
उन्होंने कहा,“आज कोयंबटूर के डीआईजी सी विजयकुमार की असामयिक मृत्यु की दुखद खबर सुनकर मुझे गहरा सदमा और दुख हुआ है। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान जिला पुलिस अधीक्षक सहित विभिन्न जिम्मेदारियों में तमिलनाडु पुलिस की अच्छी सेवा की है। उनकी मृत्यु तमिलनाडु पुलिस विभाग के लिए एक बड़ी क्षति है। उनके परिवार और विजयकुमार के दोस्तों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है।”
अन्नाद्रमुक महासचिव और विपक्ष के नेता एडप्पादी के.पलानीस्वामी, अन्नाद्रमुक से निष्कासित नेता ओ पन्नीरसेल्वम और भारतीय जनता पार्टी के राज्य प्रमुख व पूर्व आईपीएस अधिकारी के.अन्नामलाई सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने विजयकुमार के निधन पर शोक व्यक्त किया।
श्री अन्नामलाई ने श्री विजयकुमार की आत्महत्या के मामले में मद्रास उच्च न्यायालय की निगरानी में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराने की मांग की। अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि डीआइजी द्वारा यह अतिवादी कदम उठाने के कारणों की जांच की जानी चाहिए, चाहे यह व्यावसायिक दबाव के कारण हो। उन्हाेंने कहा कि आत्महत्या के कारण का पता लगाने के लिए उनके द्वारा जांच किए गए सभी मामलों और उनके मोबाइल फोन रिकॉर्ड का विश्लेषण किया जाना चाहिए।

उन्होंने राज्य सरकार से श्री विजयकुमार के परिवार के एक सदस्य के लिए ग्रुप-ए की नौकरी प्रदान करने का भी आग्रह किया। हाल के वर्षों में तमिलनाडु में किसी वरिष्ठ अधिकारी द्वारा आत्महत्या करने की यह दूसरी घटना है। वर्ष 2015 में तिरुचेंगोडे की पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) विष्णुप्रिया ने नामक्कल जिले में कथित तौर पर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी।

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