नई दिल्ली : केंद्रीय विद्यालय संगठन में 1252 विद्यालय है ।२५ क्षेत्रीय कार्यालय है। केंद्रीय विद्यालय उन स्थानों पर खोले गए है जहां किसी के लिए भी आना जाना कठिन है। शिक्षकों को उन कठिन स्थानों पर पदस्थापित किया है। इस लिए संगठन उन कठिन विद्यालय में पदस्थापित शिक्षको को तीन वर्षो के बाद उनके निवेदन पर मैदानी क्षेत्रों में पदस्थापित करती है। इस वर्ष जो नीति बनी थी की जनवरी में ही सुरु किया जाएगा।लेकिन सितंबर हो गया अभी तक स्थानांतरण नही किया गया।
केंद्रीय विद्यालय प्रगतिशील शिक्षक संघ की मांग है की इसे शीघ्र ही सुरु किया जाए।
शिक्षको में भरी असंतोष का माहौल है उनमें निराशा है। विद्यालयों में ग्रीष्म कालीन अवकाश मई जून में होता है लेकिन इस वर्ष सीबीएसई परीक्षा के कारण सभी शिक्षको को अपना विद्यालय छोड़ने की अनुमति भी नही दिया गया था ।इस कारण विगत साल से ही शिक्षकों को आपने घर जाने को नही मिला है जो आसाम ,मेघालय, त्रिपुरा ,अरूणांचल प्रदेश,सिक्किम नागालैंड और जम्मू कश्मीर ,लेह जैसे कठिन विद्यालय में पढ़ा रहे है।
वो भी आपने परिवार से दूर है। उनमें बहुतो की शादी विवाह रुका हुआ है। कोई किसी न किसी बीमारी से परेशान है।कोई माता पिता बीमारी से परेशान है। कोई निराशा से संगठन को धमकी देता है की आत्महत्या कर लेगा या संघ के सामने धरना देगा। इस तरह की तमाम परेशानियों में शिक्षक रह रहा तो शिक्षण कार्य भी प्रभावित होता है।
