लखनऊ : योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण योजना पशुधन के क्षेत्र में नए युग का सूत्रपात है। उन्होंने कहा कि 520 मोबाइल वेटरनरी वैन आज से प्रदेश के सभी जिलों में पशुपालकों के लिए उपलब्ध रहेंगी। हम लोग देखते थे कि कोई जानवर बीमार हैं तो उसे समय पर इलाज नहीं मिल पाता था। किसी गोवंश का एक्सिडेंट हो जाता था तो समय पर उसे डॉक्टर नहीं मिल पाते थे। इससे उन पशुओं का इलाज हो पाएगा। यह योजना वास्तव में उत्तर प्रदेश के पशुधन संरक्षण और संवर्धन के नए अध्याय की शुरुआत है।
उन्होने कहा कि पिछले छह वर्ष में गोवंश के संरक्षण और संवर्धन में अनेक प्रयास हुये हैं। अन्नदाता किसानों के जीवन में परिवर्तन हो, उनकी आमदनी बढ़े इसके लिए तो प्रयास हुए ही साथ ही साथ किसानों की फसलों को भी सुरक्षित रखने के लिए प्रदेश के पशुधन विभाग द्वारा अनेक कार्यक्रम प्रारम्भ किए गए, जिनकी लंबी शृंखला है।
मुख्यमंत्री ने पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण योजना के अंतर्गत 201 करोड़ रूपए की लागत से 520 मोबाइल वेटरनरी यूनिट के फ्लैग ऑफ कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के साथ मिलकर पशुओं के नस्ल सुधार के एक बड़े अभियान को हम लोग आगे बढ़ा रहे हैं। निराश्रित गोवंश के संरक्षण के 6 हजार 600 से अधिक आश्रय स्थल प्रदेश में स्थापित किए गए हैं। प्रदेश के अंदर कुल 12 लाख गोवंश हैं, उनमें से 11 लाख के संरक्षण की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार उठा रही है, जिसमें प्रति गोवंश सरकार नौ सौ रुपए दे रही है।
रोग नियंत्रण योजना नए युग का सूत्रपात
