चंडीगढ़ : पंजाब विजीलेंस ब्यूरो द्वारा रिश्वतख़ोरी के विरुद्ध जारी मुहिम के दौरान शुक्रवार को राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन नगर निगम बठिंडा के जिला प्रबंधक सोनू गोयल को सात हजार रुपए रिश्वत लेते हुये रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। विजीलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने शुक्रवार को बताया कि सोनू गोयल को गुरप्रीत कौर, परसराम नगर, बठिंडा द्वारा की गई शिकायत के आधार पर गिरफ़्तार किया गया है।
उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता गुरप्रीत कौर ने विजीलैंस ब्यूरो को बताया कि वह अपने पति की मौत के बाद नौकरी की खोज में गीतांजली, सीएमएम, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, बठिंडा को मिली जिसने सोनू गोयल, ज़िला मैनेजर को मिलने के लिए कहा। सोनू ने उसे अरबन लर्निंग इंटरनशिप्प प्रोग्राम स्कीम के अंतर्गत नगर निगम बठिंडा में ठेके पर 12,000 रुपए महीना समेकित तनख़्वाह पर लगवा दिया।
शिकायतकर्ता ने दोष लगाया कि सितम्बर महीने की तनख़्वाह आने के बाद उक्त मैडम गीतांजलि, सी. एम. एम., राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, नगर निगम अबोहर ने फ़ोन करके मुझसे नौकरी जारी रखने के लिए दस हजार रुपए प्रति महीना रिश्वत की माँग करके तीन हजार रुपए रिश्वत हासिल की है और बाकी रहती रिश्वत सम्बन्धी उक्त सोनू गोयल को देने के लिए कहा है। इसके बाद सोनू गोयल ने रिश्वत की रकम न देने के लिए उसको नौकरी से निकालने की धमकी दी है।
प्रवक्ता ने बताया कि उक्त शिकायत की प्राथमिक पड़ताल के उपरांत पाया गया कि उक्त मुलाज़िम गीतांजली ने शिकायतकर्ता से 3000 रुपए रिश्वत हासिल की है। आज विजीलैंस ब्यूरो रेंज बठिंडा ने जाल बिछाया और सोनू गोयल सात हजार रुपए रिश्वत की रकम शिकायतकर्ता से हासिल करते हुये दो सरकारी गवाहों की उपस्थिति में मौके पर रंगे हाथों गिरफ़्तार कर लिया। इस सम्बन्ध में उक्त मुलजिमों सोनू गोयल और गीतांजली के खि़लाफ़ थाना विजीलेंस ब्यूरो रेंज बठिंडा में भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के अंतर्गत मुकदमा दर्ज करके आगे कार्यवाही आरंभ कर दी है। दूसरे आरोपी भी को जल्दी गिरफ़्तार
कर लिया जायेगा।
