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द्रमुक सरकार धर्म नहीं, साम्प्रदायिकता के विरुद्ध है स्टालिन

चेन्नई : एम के स्टालिन ने शनिवार को कहा कि सत्तारूढ़ द्रमुक धर्म के खिलाफ नहीं बल्कि साम्प्रदायिकता के विरुद्ध है।
राज्य विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए श्री स्टालिन ने कहा कि एक समूह द्वारा अफवाहें फैलाई जा रही हैं कि द्रमुक सरकार तर्कवादी और धर्म विरोधी है। इस आरोप को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार केवल सांप्रदायिकता के खिलाफ है, धर्म के नहीं विरुद्ध नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आस्थावादियों के खिलाफ नहीं बल्कि उनके खिलाफ है जो लोग अपने व्यक्तिगत फायदे के लिए लोगों की धार्मिक आस्था का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने कहा कि मई 2021 में द्रमुक सरकार के सत्तारूढ़ होने से लेकर 31 अक्टूबर, 2022 तक मंदिरों आदि से अतिक्रमण की गयी 3150 एकड़ भूमि जिसकी कीमत 3,657.48 करोड़ रुपये है, वापस लिया है। इस कार्य को लेकर सच्चे श्रद्धालु सरकार की प्रशंसा कर रहे थे और जिन लोगों को सद्भावना कायम करने वाली सरकार पसंद नहीं थी,वे सरकार की आलोचना कर रहे थे।
स्टालिन ने राज्य में कानून-व्यवस्था बिगड़ जाने के विपक्ष के आरोप को नकारते हुए कहा कि सरकार कभी भी तमिलनाडु में सांप्रदायिक, नस्लवादी और चरमपंथी ताकतों को बढ़ने नहीं देगी और हिंसा मुक्त राज्य के लिए सभी उचित कदम उठाये जाना सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों से राज्य के शांति का आश्रय स्थल होने के कारण विदेशी निवेशक यहां अपना निवेश करना चाहते हैं।

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