केजरीवाल सरकार की लापरवाही का दंड दिल्ली पहले भी भुगत चुकी है
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा है कि दिल्ली में कोरोना तेजी से फैल रहा है और संक्रमण दर देश में सबसे ज्यादा चल रही है। देश में संक्रमण दर 6 प्रतिशत से कम है जबकि दिल्ली में 23 प्रतिशत दर्ज की गई है। इसके बावजूद केजरीवाल सरकार कोरोना को हल्के में ले रही है। कोरोना की पिछली लहरों में भी दिल्ली सरकार की इसी तरह की लापरवाही का जनता ने भयानक परिणाम देखा है। बिधूड़ी ने कहा कि दिल्ली में बीते एक सप्ताह में तीन हजार से ज्यादा मामले दर्ज किए हैं। रविवार को पूरे देश में 5357 नए मरीज आए तो दिल्ली में 535 मरीज आए। पिछले कई दिनों से देश की तुलना में अकेले दिल्ली से ही 10 फीसदी मरीज आ रहे हैं।
इस समय पूरे देश में संक्रमण दर 6 प्रतिशत है यानी 100 मरीजों के टेस्ट में 6 को ही कोरोना पॉजिटिव मिल रहा है लेकिन दिल्ली में यह दर 23 प्रतिशत है। औसतन हर चार में से एक व्यक्ति कोरोना का मरीज निकल रहा है। यह खतरनाक स्थिति है।
बिधूड़ी ने कहा कि कोराना जिस तरह की बीमारी है और पिछली लहरों से जो अनुभव प्राप्त हुआ है, उनके अनुसार इसे कभी भी हल्के में नहीं लिया जा सकता। बिधूड़ी ने कहा कि आज स्थिति यह है कि कई राज्य सरकारों ने कोरोना को देखते हुए भीड़भाड़ वाले इलाकों में मास्क अनिवार्य कर दिया है। पड़ोसी राज्य हरियाणा में भी मास्क जरूरी कर दिया गया है।
सरकारें और भी एहतियाती कदम उठा रही हैं लेकिन केजरीवाल सरकार जनता को केवल सलाह देकर ही हाथ पर हाथ रखे बैठी हुई है। दुकानदार अब स्वयं मार्केटों में अपनी तरफ से मास्क की बंदिश लगाने के लिए मजबूर हो रहे हैं। लोगों में भय बढ़ता जा रहा है। सरकार कोई कदम तो नहीं उठा रही और लोगों को भयभीत न होने की सलाह दे रही है। बिधूड़ी ने कहा कि दिल्ली में मरीजों की बढ़ती संख्या और संक्रमण दर को देखते हुए तुरंत मास्क अनिवार्य किया जाए। इसके अलावा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल विपक्ष को साथ लेकर अस्पतालों का दौरा करे और यह दिखाए कि कोरोना से बचाव के लिए क्या-क्या उपाय किए जा रहे हैं।
कोरोना को न लें हल्के में, मास्क किया जाए जरूरी
