बड़वानी : मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले के ठीकरी विकासखंड के खजूरी स्थित शासकीय हाई स्कूल तक पहुंचने में विद्यार्थियों को बेहद तकलीफ जनक रास्ते से गुजरने के चलते उन्होंने आज से टेंट लगाकर धरना प्रदर्शन आरंभ कर दिया है। संत सिंगाजी की जन्मस्थली खजूरी स्थित शासकीय हाई स्कूल के 62 विद्यार्थी स्कूल तक पहुंचाने वाली एक किलोमीटर सड़क के कीचड़ ग्रस्त होने के चलते बेहद परेशान हैं।
गणवेश खराब होने तथा फिसल कर गिरने के चलते आने वाली परेशानियों को लेकर आज से उन्होंने स्कूल से एक किलोमीटर दूर टेंट लगाकर सड़क बनाने की मांग के चलते धरना आरंभ कर दिया है। कक्षा 10 के छात्र साहिल शेते ने बताया कि खराब सड़क के चलते कई छात्र छात्रा कीचड़ में फिसल कर गिर जाते हैं तथा उनकी गणवेश खराब हो जाती ही। उन्हें जूते चप्पल हाथ में लेकर आना पड़ता है, और रास्ते के कांटों के चलते पैर जख्मी हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों ने तय किया है कि विद्यालय से एक किलोमीटर दूर टेंट लगाकर सड़क निर्माण तक धरना आरंभ किया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण होने के ठोस आश्वासन के बाद ही वे स्कूल जाएंगे।
एक अन्य छात्रा अंजलि ने बताया कि छात्र-छात्राएं स्कूल आने के दौरान बहुत परेशानी का सामना करते हैं और इससे परेशान होकर सभी ने धरना प्रदर्शन का मन बनाया। उन्होंने कहा कि परीक्षाएं समीप है और विद्यार्थियों को विषम परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।
एक अन्य छात्र अमन सिसोदिया ने बताया कि विद्यार्थियों ने काफी किताबों के बैग विद्यालय में ही रख दिए हैं ,और आज से स्कूल जाना बंद कर दिया है। उन्होंने बताया कि स्कूल में भृत्य नहीं होने के चलते साफ-सफाई व अन्य काम भी करना पड़ता है। इसके लिए स्कूल के शिक्षक बारी बारी से काम करवाते हैं। ब्लैक बोर्ड पर एक स्लिप लगा दी जाती है और उस स्लिप को देखकर विद्यार्थियों का नंबर आता है, और वे भृत्य का काम करते हैं। हालांकि उन्होंने बताया इसके लिए शिक्षकों द्वारा दबाव नहीं डाला जाता।
शिक्षक दिनेश सोलंकी ने बताया कि विद्यार्थियों ने सड़क खराब होने के चलते विद्यालय से एक किलोमीटर दूर टेंट लगाकर धरना प्रदर्शन आरंभ कर दिया है। उन्होंने स्वीकार किया कि भृत्य नहीं होने के चलते विद्यार्थियों का नाम स्लिप पर लिखकर बोर्ड पर लगा दिया जाता है और उसके मुताबिक वे स्वेच्छा से साफ सफाई या अन्य कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि वह स्वयम भी समय आने पर काम करते हैं।
जनप्रतिनिधि तुकाराम सिसोदिया ने बताया कि विद्यार्थियों की तकलीफ के चलते कई बार अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों को मामले की सूचना दी गई लेकिन विगत 8 वर्षों से यह सड़क मार्ग नहीं बन पाया है।
