सिरसा : दुष्यंत चौटाला ने रविवार को स्थानीय इंडस्ट्रियल ऐरिया में सामान्य छह करोड़ 20 लाख की लागत से से बने अपशिष्ट उपचार संयंत्र (सीईटीपी) का उद्घाटन किया। इसके उपरांत उपमुख्यमंत्री ने संयंत्र का निरीक्षण किया और अधिकारियों से विस्तारपूर्वक जानकारी भी ली। उन्होंने संयंत्र के प्रांगण में पौधारोपण भी किया। इस अवसर पर जजपा के जिलाध्यक्ष अशोक वर्मा,वरिष्ठ जजपा नेता सर्वजीत सिंह मसीतां, एचएसआईआईडीसी पंचकूला से मुख्य विभागाध्यक्ष मुकेश गुप्ता, कार्यकारी अभियंता रविंद्र जाखड़ सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सिरसा इंडस्ट्रियल ऐरिया की बहुत लंबे समय से सीईटीपी प्लांट लगवाने की की मांग थी कि इंडस्ट्रियल वेस्ट को ट्रीट किया जाए। इस वेस्ट के कारण पहले 350 से 400 बीओडी का लेवल जाता था, जो स्तर पर कम होकर 10 हो गया है। इस पानी का प्रयोग किसान भी अपनी खेती में कर सकते हैं। इससे जहां पर्यावरण संरक्षण में सहयोग मिलेगा वहीं गंदगी व बदबू से भी छुटकारा मिलेगा। उन्होंने बताया कि ट्रीटमेंट के बाद इस पानी का उपयोग सिंचाई व इंडस्ट्री की ग्रीन बेल्ट में होगा। इस प्रकार के प्लांट बनने से उद्योगों को भी लाभ मिल रहा है। हाल ही में हरियाणा में वॉटर सिमिट का आयोजन किया गया था, जिसमें देश के सभी राज्यों से प्रतिभागी पहुंचे था। इस सिमिट में यह निर्णय लिया गया था कि औद्योगिक क्षेत्र में जल अपशिष्ट उपचार संयंत्र बनाए जाएंगे, इसी लक्ष्य की ओर आज सिरसा से शुरूआत की गई है। जिला सिरसा के इस इंडस्ट्रियल ऐरिया में 171 प्लॉट है जिसमें 115 के आसपास यूनिट काम कर रहे हैं, उनके लिए यह बहुत फायदेमंद सिद्ध होगा।
श्री चौटाला ने कहा कि नूंह में स्थिति अब नियंत्रण में है और लगातार शांति कमेटियों से संपर्क कर बैठकें की जा रही है। आपसी भाई चारा बनाने के लिए सामाजिक व धार्मिक संस्थाएं भी आगे आ रही है। इसके साथ-साथ प्रदेश सरकार द्वारा गत दिनों नूंह में हुई हिंसा की जांच करवाई जा रही है। हिंसा के दोषियों के विरुद्घ सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह राजनैतिक व्यक्ति हो या कोई सामाजिक कार्यकर्ता ।
दुष्यंत ने अपशिष्ट उपचार संयंत्र का किया उद्घाटन
