चंडीगढ़ : दुष्यंत चौटाला ने रविवार को संविधान निर्माता डा. भीमराव अंबेडकर को नमन करते हुए सोनीपत जिला के गांव बड़ौली में उनकी प्रतिमा को लोकार्पित किया। साथ ही उन्होंने प्रतिमा के साथ रिक्त भूमि में डिजिटल लाईब्रेरी बनाने की भी घोषणा की, जिसके लिए उन्होंने शीघ्रातिशीघ्र पंचायत से प्रस्ताव प्रेषित करने को कहा।
डा. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के अनावरण समारोह के अवसर पर आयोजित जनसभा को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए श्री चौटाला ने कहा कि वे संविधान निर्माता को प्रेरणा के तौर पर अपनाते हुए विकास की ओर बढ़ रहे हैं। डा. अंबेडकर का जीवन संघर्षमय रहा, जिन्हें शिक्षा हासिल करने के लिए भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। किंतु उन्होंने हार नहीं मानी और विदेश से भी डिग्री लेकर आये, जिसके बाद उन्होंने देश निर्माण के लिए संविधान बनाया। आज उसी संविधान का असर है कि देश एक है और अखंड है। दिन-प्रतिदिन दुनिया में अपनी ताकत को बढ़ाते हुए विकास की ओर अग्रसर है। आने वाली पीढ़ी को संविधान के महत्व से अवगत करवाना होगा जिसकी बदौलत हमें बोलने का अधिकार मिला। डा. अंबेडकर की देन है कि आज 36 बिरादरी एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण को समर्पित है। देश की तरक्की व चहुंमुखी विकास के लिए एकता जरूरी है। जब वह पहली बार लोकसभा में गए तब पहली बार लोकसभा में संविधान पर चर्चा हुई।
उप-मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की भवन की मांग पर प्रेरित किया कि कुछ ऐसी चीज बनवाओ कि लोग सदैव याद रखें। इसके लिए उन्होंने लाईब्रेरी बनवाने के लिए प्रोत्साहन देते हुए बताया कि स्व. देवीलाल के 107 वें जन्मदिवस पर 107 लाइब्रेरी बनाने का लक्ष्य रखा गया था। आज वे 135 लाइब्रेरी बनवा चुके हैं और प्रदेश सरकार द्वारा एक हजार से अधिक लाइब्रेरी बनवाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के संपूर्ण विकास का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए ग्राम पंचायतों को 1250 रुपये प्रति व्यक्ति की दर से ग्रांट देनी शुरू की गई जो आज 2000 रुपये प्रति व्यक्ति की दर से दी जा रही है। इससे गांव के अंदरूनी विकास कार्यों को करवाने में विशेष मदद मिली।
बाढ़ से यमुना कटाव की चर्चा करते हुए श्री चौटाला ने बताया कि बाढ़ पीडि़त क्षेत्रों का उन्होंने स्वयं दौरा किया जिसके बाद यमुनानगर से पलवल तक यमुना में कटाव रोकने के लिए तटबंध बनवाने के लिए 270 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। इसमें बड़ौली में भी नौ तटबंध स्वीकृत किये गये हैं। आज पूरे प्रदेश में बिना भेदभाव के सडक़ों का जाल बिछाया गया है। राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण से विकास को नई गति मिली है।
शहरी तर्ज पर गांवों का विकास किया जा रहा है। ग्रामीणों की सुविधाओं के लिए 600 से अधिक सेवाएं कंप्यूटर पर गांव में ही उपलब्ध करवाई जा रही हैं, जबकि पूर्व सरकार ऐसे पोर्टल बंद करवाने की बात कह रही है जिनसे लोगों को घर बैठे-बिठाये ही पेंशन व राशन कार्ड आदि मिल रहे हैं। सीएससी पर तुरंत फरहद मिल जाती है। किसी भी सेवा के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ते। पूर्व सरकार गरीब-कमेरे वर्ग को तोडऩे का काम करती है जबकि हम उन्हें सशक्त बना रहे हैं।
