कोलकाता : पश्चिम बंगाल में कथित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस-राशन) घोटाले के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को यहां पूरे शहर में 3 से 4 स्थानों पर छापेमारी की। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तार टीएमसी नेता शंकर आध्या के चौरंगी, कोलिन स्ट्रीट स्थित विदेशी मुद्रा कार्यालय और साल्ट लेक में अद्य्या के चार्टर्ड अकाउंटेंट अरविंद सिंह के कार्यालय पर छापेमारी की गई।
उत्तर 24 परगना में बोंगांव नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष आध्या से ईडी ने लगभग 17 घंटे की पूछताछ और उनकी संपत्तियों पर तलाशी अभियान के बाद छह जनवरी को गिरफ्तार किया था। सूत्रों ने बताया कि कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश के बाद कथित राशन घोटाले के धन के लेन-देन की जांच कर रही संघीय एजेंसी ने गिरफ्तारी के दिन ही अद्या के विदेशी मुद्रा कार्यालयों को सील कर दिया था।
मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत जांच कर रही एजेंसी ने सील को तोड़ दिया और खोला तथा सशस्त्र केंद्रीय बलों की सहायता से तलाशी अभियान शुरू किया। ईडी का मानना था कि निर्धारित मानदंडों का पालन किए बिना विदेशी मुद्रा के माध्यम से लगभग 20,000 करोड़ रुपये का धन हस्तांतरित किया गया था। सूत्रों ने कहा कि ईडी के विदेशी मुद्रा कार्यालयों में नवीनतम तलाशी अभियान इसलिए चलाया गया क्योंकि एजेंसी को जेल में बंद टीएमसी नेता को 20 जनवरी को एक विशेष अदालत में पेश करने की उम्मीद है।आध्या को गिरफ्तार खाद्य मंत्री ज्योतिर्मय मल्लिक के करीबी सहयोगी के रूप में भी जाना जाता है।
ईडी को संदेह है कि लगभग नौ हजार से दस हजार करोड़ रुपये सीधे या बांग्लादेश के माध्यम से दुबई में स्थानांतरित किये गये हैं ।
ईडी ने पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा दर्ज की गई विभिन्न एफआईआर के आधार पर पीडीएस घोटाले की जांच शुरू की, जिसमें कथित तौर पर विभिन्न निजी व्यक्तियों का पीडीएस राशन पर अनधिकृत कब्जा पाया गया और यह धान की फर्जी खरीद में शामिल पाये गये। केंद्रीय जांच एजेंसी ने पिछले सप्ताह एक बयान में कहा कहा कि ईडी की जांच के दौरान, यह पता चला है कि अपराध की आय विभिन्न तरीकों को अपनाकर पैदा की गयी और इसे विभिन्न व्यक्तियों के बीच साझा किया गया।
प़ बंगाल में पीडीएस घोटाले में ईडी ने की छापेमारी
