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यमुना को निर्मल बनाने का हो रहा प्रयास

मथुरा : तीन लोक से न्यारी मथुरा नगरी में यमुना को निर्मल एवं अविरल बनाने के लिए अब तक के प्रयास असफल रहने के बावजूद जिलाधिकारी ने जन सहभागिता के माध्यम से इस प्रोजेक्ट को सफल बनाने का बीड़ा उठाया है। यमुना ब्रज की आत्मा है तथा जो भी व्यक्ति इसके निर्मल और अविरल बनाने का प्रयास करता है ब्रजवासी उसे अपना पूर्ण सहयोग देते है। इसी अवधारणा के तहत लगभग चार दशक में आंदोलन भी हुए, अदालतों का सहारा भी लिया गया तथा सरकारी और विरोधी दल के नेताओं द्वारा आश्वासन भी दिए गए किंतु करोड़ो रूपए खर्च करने के बावजूद यमुना आज भी मैली की मैली है तथा उसका पानी आचमन करनेलायक भी नही रहा है।
वाराणासी में गंगा को निर्मल बनाने का प्रयास जिलाधिकारी पुलकित खरे ने किया था तथा उसके उत्साहजनक परिणाम भी आए थे । संभवतः इसी से उत्साहित होकर उन्होंने गंगा को निर्मल और अविरल बनाने का बीड़ा उठाया है। इसके अन्तर्गत ही हाल में उन्होंने जनता , अधिकारियों, संतो, समाजसेवियों, यमुना के शुद्धीकरण के लिए पदयात्रा करने वालों तथा पत्रकारों को एक मंच पर इकट्ठा किया और उनसे यमुना को निर्मल बनाने के लिए सुझाव भी मांगे।

इस मीटिंग में कई महत्वपूर्ण सुझाव भी आए जिनमें टेप किये गए नालों के पानी को पाइपलाइन से नहर में डालकर उसका सिंचाई के रूप में प्रयोग करने , एसटीपी का सही संचालन करने, गंदगी को यमुना में न डालने, हथिनी कुंड से नियमित रूप से यमुना में पानी छोड़ने, जैसे सुझाव भी आए । नगर आयुक्त अनुनय झा का कहना था कि यमुना के 31 नाले टैप किये जा चुके हैं तथा शेष बचे पांच नालों के टैप किये जाने का काम जल्दी ही शुरू होगा तथा इसके बाद यमुना की स्थिति में सुधार आएगा। जिलाधिकारी का कहना था कि वह जनता के साथ मौके पर भी जाकर वस्तुस्थिति को समझने और उसका निराकरण करने का प्रयास करेंगे और यदि फन्ड्स की आवश्यकता होगी तो नमामि गंगे के अधिकारियों से भी संपर्क करेंगे।उनका यह भी कहना था कि वे अपने जिलाधिकारी के दायित्व का निर्वहन करते हुए इस कार्य को करेंगे। यदि उनके प्रयास रंग लाते हैं तो ब्रजभूमि के लिए विशेष कार्य करनेवाले जिलाधिकारियों की सूची में उनका भी नाम आ जाएगा।
नगरपालिका मथुरा के पूर्व अध्यक्ष वीरेन्द्र अग्रवाल ने बताया कि इतिहास साक्षी है कि अंग्रेज कलेक्टर हार्डिेग ने होलीगेट का निर्माण कराकर मथुरा को अनुपम तोहफा दिया था तो अंग्रेज कलेक्टर ग्राउज ने ब्रज की कलाओं को प्रोत्साहित किया तथा संग्रहालय की एक प्रकार से स्थापना की। आजाद भारत में तत्कालीन डीएम हरेकृष्ण पालीवाल ने डीग गेट से जनरलगंज तक की बाजार की सड़क को चौड़ा कराकर उसे नया कलेवर दिया था तो यहां के पूर्व डीएम गोपबन्धु पटनायक ने गुरूशरणानन्द महराज से सहयोग लेकर मानसी गंगा गोवर्धन का पंकोद्धार एवं जीर्णोद्धार कराया था।
प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण गोयल ने मथुरा के प्रमुख चैराहों का अनूठा सौंदर्यीकरण कराया था तो मथुरा के जिलाधिकारी एवं कुछ समय पूर्व तक रहे उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव व वर्तमान में रेरा के अध्यक्ष राजीव कुमार ने मथुरा की खस्ता सड़कों, लड़खड़ाती पेय जल एवं बिजली आपूर्ति व्यवस्था को नया कलेवर दिया था। तत्कालीन डीएम सर्वज्ञराम मिश्र ने वृन्दावन कुंभ को नया कलेवर देने की शुरूवात की थी तो यहां रहे डीएम नवनीत सिंह चहल ने वृन्दावन कुभ को प्रयागराज कुंभ जैसा कलेवर दिया। वर्तमान जिलाधिकारी खरे यदि यमुना को निर्मल बनाने में सफल होते हैं तो ब्रजवासी इन्हे भूल नही पाएंगे क्योंकि गोवर्धन, ब्रज रज एवं यमुना ब्रजवासियों के एक प्रकार से प्राण अधार हैं।

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