जालंधर : प्रस्तावित बिजली बिल 2022 और बिजली के निजीकरण के विरोध में बुधवार को विभिन्न राज्यों के हजारों बिजली कर्मचारी और इंजीनियरों ने दिल्ली जंतर मंतर पर राष्ट्रीय समन्वय समिति (एनसीसीओईईई) के बैनर तले एक विशाल रैली आयोजित की।
एआईपीईएफ के अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे ने बताया कि उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, तमिलनाडु, पंजाब, हरियाणा, गुजरात, असम, आंध्र प्रदेश, केरल, पश्चिम बंगाल कर्नाटक, छत्तीसगढ़, जम्मू और कश्मीर, बिहार, सहित देश भर के बिजली क्षेत्र के कर्मचारी और इंजीनियरों ने रैली में भाग लिया।
श्री प्रशांत एन चौधरी ने कहा रैली में पारित प्रस्ताव में केंद्र सरकार को चेतावनी दी गई है कि यदि कर्मचारियों और इंजीनियरों को विश्वास में लिए बिना इस बिजली बिल को संसद में पारित कराने की किसी भी एकतरफा कार्यवाही का विरोध किया जाएगा। देश के तमाम 27 लाख बिजली कर्मचारी और इंजीनियर ऐसे किसी भी कदम के विरोध में राष्ट्रव्यापी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
बिजली कर्मचारी बिजली (संशोधन) विधेयक 2022 , बिजली क्षेत्र का निजीकरण को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। फेडरेशन की मांगों में पुरानी पेंशन की बहाली, बिजली कंपनियों का एकीकरण और आउटसोर्सिंग समाप्त कर संविदा कर्मियों को नियमित किया जाना भी शामिल है।
बिजली बिल के खिलाफ बिजलीकर्मियों ने दिल्ली में किया रोष प्रदर्शन
