देवरिया : उत्तर प्रदेश में देवरिया जिले में पराली जलाये जाने से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रण के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी न्याय पंचायत स्तर पर लगाई गई है। जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह ने शुक्रवार को बताया कि पराली जलाये जाने कारण होने वाले प्रदूषण को नियंत्रण करने हेतु जनपद स्तर पर तथा तहसील स्तर पर उपजिलाधिकारी के पर्यवेक्षण में सचल दस्ता एवं विकासखण्ड स्तर पर खण्ड विकास अधिकारी के पर्यवेक्षण में गठित किया जा चुका है। जिसके क्रम में कर्मचारियों की ड्यूटी न्याय पंचायत स्तर पर लगाई गई है तथा उन्हें निर्देशित किया गया है कि सम्बन्धित कर्मचारी अपने न्याय पंचायत के समस्त राजस्व ग्रामों में पराली/फसल अपशिष्ट जलाने से रोकने हेतु आवश्यक कार्रवाई करना सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी श्री सिंह ने नामित कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि वे कृषकों के मध्य फसल अवशेष जलाने से मिट्टी जलवायु एवं मानव स्वास्थ्य को होने वाली हानि के विषय में अवगत कराये तथा उन्हें यह भी अवगत कराया जाये कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेशानुसार दण्डनीय अपराध है। उन्होंने पराली जलाने पर सम्बन्धित लेखपाल के साथ सम्बन्धित कर्मचारी का पूर्ण रूप से उत्तरदायित्व निर्धारित किया है।
पराली जलाने पर नियंत्रण के लिए कर्मचारियों की लगी ड्यूटी
