चंडीगढ़ : पंजाब में भ्रष्टाचार के विरुद्ध शुरू की गई मुहिम के अंतर्गत पंजाब सतर्कता ब्यूरो ने गुरुवार को खनन विभाग के एक कार्यकारी इंजीनियर (ऐक्सियन) और एक उप मंडल अधिकारी (एस.डी.ओ.) को पांच लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान होशियारपुर में तैनात ऐक्सियन सरताज सिंह रंधावा और दसूहा के एस.डी.ओ. हरजिन्दर सिंह के रूप में हुई है।
ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि जगराओं तहसील के गाँव ढोलन निवासी जसप्रीत सिंह ने शिकायत दर्ज करवाई है कि वह रीगल एंटरप्राइजेस कंपनी में साइट कंट्रोलर के तौर पर काम करता है। कंपनी को मुकेरियाँ-तलवाड़ा रेलवे लाइन पर मिट्टी डालने का ठेका मिला था और कंपनी ने दसूहा तहसील के गाँव घगवाल से मिट्टी उठाने के लिए सम्बन्धित विभाग के पास सरकार द्वारा निर्धारित फीस 41,10,117 रुपए भी जमा करवा दिए थे। इसके उपरांत उनके संज्ञान में आया कि जिस ज़मीन के लिए उन्होंने फीस अदा की है, वह ज़मीन वन विभाग की धारा 4 और 5 के अधीन आती है। कंपनी ने मार्च 2023 में रॉयलिटी तबदील करने के लिए आवेदन दिया था।
शिकायतकर्ता अपने सीनियर जतिन्दर सिंह को साथ लेकर 20 जुलाई को उक्त ऐक्सियन और एस.डी.ओ को दफ़्तर में मिले। ऐक्सियन सरताज रंधावा ने कहा कि रॉयलिटी ट्रांसफर नहीं की जा सकती, लेकिन बार-बार विनती करने पर ऐक्सियन ने कहा कि इस सम्बन्धी एस.डी.ओ. हरजिन्दर सिंह उनके साथ बात करेगा। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि कुछ दिनों के उपरांत आरोपी एस.डी.ओ. ने जतिन्दर सिंह को दसूहा स्थित अपने दफ़्तर बुलाया और बताया कि ऐक्सियन सरताज रंधावा ने रॉयलिटी ट्रांसफर करने के बदले 12 लाख रुपए की रिश्वत माँगी है। बाद में एस.डी.ओ. आठ लाख रुपए में राज़ी हो गया।
शिकायत की प्राथमिक जांच के उपरांत प्रवक्ता ने बताया कि विजीलेंस ब्यूरो यूनिट, होशियारपुर की टीम ने ट्रैप लगाकर दोनों मुलजिमों को सरकारी गवाहों की हाजिऱी में शिकायतकर्ता से पांच लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए काबू कर लिया। उन्होंने बताया कि इस सम्बन्धी सरताज रंधावा और हरजिन्दर सिंह के खि़लाफ़ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और आई.पी.सी की धारा 34 के अधीन थाना विजीलेंस ब्यूरो, जालंधर रेंज में प्राथमिकी दर्ज की गई है। दोनों मुलजिमों को शुक्रवार को अदालत में पेश किया जायेगा और इस मामले की आगे की जांच जारी है।
