गौरवशाली भारत

देश की उम्मीद ‎‎‎ ‎‎ ‎‎ ‎‎ ‎‎

अलवर की लाल प्याज के अच्छे भाव से किसान खुश

अलवर : राजस्थान के अलवर की लाल प्याज के अच्छे भाव के चलते इस बार किसान खुश नजर आ रहे हैं। लाल सोने के नाम से प्रसिद्ध अलवर की लाल प्याज अब मंडी में आ चुकी है और इस बार प्याज के भाव अच्छे होने से किसान खुश हैं। हालांकि हाल में हुई बारिश से किसानों को थोड़ी चिंता हुई। इस बार गत वर्ष की तुलना में प्याज की पैदावार अधिक हुई है और अलवर जिले के लिए किसानों की लाइफलाइन बनी लाल प्याज का उत्पादन का रकवा लगातार बढ़ता जा रहा है।
अलवर के प्याज को पूरे देश की मंडियों तक पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार ने स्पेशल ट्रेन की शुरुआत की थी लेकिन फिलहाल ट्रेन से प्याज भेजना बंद है। अलवर में प्याज का रकबा 2020 में जहां 18500 हेक्टेयर था वहीं अब यह रकवा 2023 में 27000 हेक्टर तक पहुंच गया है । अनुमान है कि इस साल तीन लाख 55 हजार टन प्याज का उत्पादन होने के आसार है जो अलवर की अर्थव्यवस्था को गति देगा।
बताया जा रहा है कि कई राज्यों में प्याज की फसल खराब होने के कारण देश भर के प्याज के व्यापारियों की नजर अलवर के प्याज पर टिकी है। अलवर की प्याज की गुणवत्ता भी लगातार सुधरती जा रही है और नवंबर और दिसंबर में अलवर की मंडियों में प्याज की आवक जबरदस्त रहती है। इस साल प्याज की मांग अधिक बढ़ गई है। वर्ष 2021 के बाद प्याज के भाव अच्छे रहने के कारण किसानो के लिए अब यह फायदे का सौदा बनता जा रहा है और इसी कारण किसानों का रुझान प्याज की खेती पर बढ़ता जा रहा है ।
अलवर की थोक मंडी में प्याज के क्रेता और विक्रेता पप्पू भाई ने बताया कि अभी प्रतिदिन अलवर शहर की मंडी में 40 से 45 हजार प्याज के कट्टे प्रतिदिन आ रहे हैं। प्याजका 1300 से 1600 रुपए तक प्रति मन प्याज के भाव हैं। अच्छी क्वालिटी की प्याज अभी थोक में 45 रूपये तक बिक रही है हालांकि मौसम खराब होने के कारण अलवर की प्याज कुछ खराब हुई है।
उन्होंने बताया कि प्याज में कुछ शिकायत है लेकिन इस बार सबसे बड़ी बात है कि प्याज में किसी भी तरह का कोई रोग नहीं है और यह प्याज 100 रुपए किलो बिकनी चाहिए क्योंकि सरकार ने 40 प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी लगाई हुई है। प्याज के भाव दो हजार रुपए प्रति मन होने चाहिए जिससे किसानों को दो वर्ष पूर्व में हुए नुकसान की भरपाई हो सके।
अलवर में कई राज्यों के व्यापारी आते हैं लेकिन उत्तरप्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड एवं पंजाब से व्यापारी ज्यादा आ रहे हैं, जितने यहां व्यापारी बाहर से आएंगे उतना ही किसानों के प्याज का बाजार भी अच्छा मिलेगा । इस बार प्याज के भाव से खुश नजर आ रहे हैं किसानों का कहना है की बरसात से कुछ फसल बर्बाद हुई है लेकिन इस साल जो भाव मिल रहे हैं उसे दो साल की भरपाई हो जाएगी प्याज में इस बार कोई रोग नहीं है भाव अच्छे मिलने से किसान पूरी तरह संतुष्ट हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *