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किसानों को प्राकृतिक कृषि की दी गई तालीम

गांधीनगर : आचार्य देवव्रत ने शनिवार को कहा कि राज्य में 11,14,000 किसानों को प्राकृतिक कृषि पद्धति की तालीम दी गई है। देवव्रत ने आज यहां कृषि विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ ‘प्राकृतिक कृषि’ विषय पर समीक्षा बैठक की और कहा कि कृषि विभाग और अन्य फील्ड अधिकारियों सहित 2,467 अधिकारियों को भी प्राकृतिक कृषि पद्धति की तालीम दी गई है। राज्य की 14,455 ग्राम पंचायतों के क्षेत्रों में किसानों ने प्राकृतिक कृषि पद्धति अपनायी है साथ ही, 1229 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जहां, 75 से ज्यादा किसान प्राकृतिक कृषि कर रहे हैं। राज्य में 3,65,000 किसान प्राकृतिक कृषि कर रहे हैं और 4,09,000 एकड़ भूमि पर अब प्राकृतिक कृषि की जा रही है।
उन्होंने कहा कि किसानों को सही अर्थों में आत्मनिर्भर बनाने वाली, पशुओं के संवर्धन, पर्यावरण के संरक्षण और स्वास्थ्य के लिए अनिवार्य प्राकृतिक कृषि के बारे में ज्यादा से ज्यादा किसान जानें और प्राकृतिक कृषि करने लगें, इसके लिए योजनाबद्ध कदम उठाए जा रहे हैं। प्राकृतिक कृषि किसानों के लिए आशीर्वाद है और ज्यादा से ज्यादा किसान इसे अपना रहे हैं। इतना ही नहीं प्राकृतिक कृषि उत्पादों की सुव्यवस्थित मार्केटिंग के लिए भी आयोजन किया जा रहा है। इन दोनों मामलों को एक समान प्राथमिकता देकर कृषि विभाग और प्राकृतिक कृषि- आत्मा द्वारा मिशन की तरह कार्य किया जा रहा है। रासायनिक खाद और कीटनाशक दवाओं के अत्यधिक उपयोग से मानव के स्वास्थ्य पर गम्भीर खतरे खड़े हो गए हैं। जमीन की उर्वरकता कम हो रही है और संशोधन तो यहां तक कह रहे हैं कि मां के दूध तक में पेस्टिसाइट्स के अंश पाए गए हैं। इन तमाम तकलीफों का निराकरण गोबर और गौमूत्र के उपयोग से होने वाली प्राकृतिक कृषि पद्धति ही है।
उन्होंने कहा कि यह पुण्य कर्म है, मानवता का कार्य है। प्रधानमंत्री नरेन्द्रभाई मोदी ने अपील की है कि गुजरात के प्रत्येक गांव में कम से कम 75 किसान प्राकृतिक कृषि करें। प्रधानमंत्री जी भी प्राकृतिक कृषि को विशेष प्राथमिकता दे रहे हैं। उन्होंने अनुरोध किया कि ज्यादा से ज्यादा किसान प्राकृतिक कृषि करें, इसके लिए ईमानदारी से यह कल्याणकारी कार्य किया जाना चाहिए। गुजरात में 11,14,000 किसानों को प्राकृतिक कृषि पद्धति की तालीम दी गई है। कृषि विभाग और अन्य फील्ड अधिकारियों सहित 2,467 अधिकारियों को भी प्राकृतिक कृषि पद्धति की तालीम दी गई है। राज्य की 14,455 ग्राम पंचायतों के क्षेत्रों में किसानों ने प्राकृतिक कृषि पद्धति अपनायी है साथ ही, 1229 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जहां, 75 से ज्यादा किसान प्राकृतिक कृषि कर रहे हैं।

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