सोनभद्र : उत्तर प्रदेश में सोनभद्र जिले के मांची क्षेत्र में सोमवार को आदिवासियों और वनकर्मियों के बीच हुये संघर्ष में तीन वनकर्मी घायल हो गये। केवटम गांव के वन क्षेत्र में मवेशी चले जाने पर आदिवासियों और वन कर्मियों के बीच मारपीट हो गई। आदिवासियों का आरोप है कि वन क्षेत्र में मवेशी चले जाने पर वन विभाग के कर्मचारियों ने उसे बांध लिए और जब वापस लेने पहुंचे तो उनकी पिटाई कर दी।
विरोध करने पर वन चौकी पर तैनात कर्मचारियों ने बंदूक निकाल कर हवाई फायरिंग किए। वन विभाग के कर्मचारियों का आरोप है कि चौकी पर सोमवार को ग्रामीणों ने घेराव कर पथराव किए। इसमें रेंजर व दो वन दरोगा को चोट आई है। अन्य कर्मियों ने चौकी के अंदर घुसकर खुद को बचाया। इसकी सूचना मिलते ही सीओ सदर के नेतृत्व में कई थानों की पुलिस व वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर मामले को शांत कराने में जुट गई।
रामगढ़ रेंज के केवटम में वन विभाग ने चौकी स्थापित की है। ठोसरा बीट में लगाए गए पौधों की नर्सरी के पास रविवार की शाम गांव के आदिवासियों के कुछ पशु चर रहे थे। वन कर्मियों ने रात में ही पशुओं को पकड़ कर चौकी के पास लाकर बांध दिया। सुबह जब आदिवासी अपना पशु लेने पहुंचे तो विवाद हो गया। आरोप है कि ग्रामीण वन चौकी पर पथराव करने लगे। वन कर्मियों ने अंदर भागकर खुद को बचाया।
इसके बावजूद पथराव से वन दरोगा राजेंद्र शर्मा के सिर में चोट आई। रेजर सत्येंद्र सिंह के बाएं हाथ और वन दरोगा देवनाथ को पीठ में चोट लगी है। रेंजर सत्येंद्र कुमार सिंह ने तत्काल पुलिस को सूचना दे दी। कुछ देर में मांची थाने के प्रभारी निरीक्षक फोर्स लेकर मौके पर पहुंच गए। तब तक पुलिस के अन्य अधिकारी भी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों का आरोप है कि सोमवार सुबह अचानक वनकर्मी उनके घर पहुंचे और पिटाई करने लगे।
इसकी जानकारी होने पर ग्रामीण चौकी पर गए तो वहां तैनात वन कर्मचारियों ने फायरिंग की। इससे लोग उग्र हो गए। इस संबंध में सीओ सदर आशीष मिश्रा ने बताया कि वन विभाग के पौध रोपण को क्षति पहुंचाने का मामला है। वन विभाग या ग्रामीणों की तरफ से प्रार्थना पत्र मिलने पर कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
