अमृतसर : पंजाब के अमृतसर में धान की पराली में आग लगाने पर जिले के 223 किसानों को 5,57,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है और जिन खेतों में आग लग रही है, वहां टीमें लगातार पहुंच रही हैं। जिला उपायुक्त अमित तलवार ने शुक्रवार को कहा कि अब तक हमारी टीमों को सेटेलाइट के माध्यम से 429 स्थानों पर आग लगने की सूचना प्राप्त हुई है, जिनमें से 341 स्थानों पर विभिन्न अधिकारियों द्वारा दौरा किया गया है और 91 स्थानों पर हमारी टीमों द्वारा दौरा किया गया है।
उन्होंने कहा कि 250 स्थानों पर आग लगने की पुष्टि हुई है और 223 किसानों पर 5,57,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने कहा कि पराली में आग लगाने वाले 36 किसानों को भी राजस्व रिकॉर्ड में रेड लिस्ट (लाल सूची) में डाला गया है और 27 अन्य किसानों पर जुर्माना लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 88 स्थानों पर आग लगने की घटनाओं की जांच की जा रही है और उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
तलवार ने किसानों को सचेत करते हुए कहा कि हमारी नजर हर खेत पर है और जो भी पराली जलाएगा, उस पर कानूनी कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक उपमंडल में उपजिलाधिकारी आग लगने वाले क्षेत्र में पहुंचकर कार्रवाई कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक एकड़ धान की फसल से लगभग ढाई से तीन टन पुआल पैदा होता है और एक टन पुआल जलाने से हमें 400 किलोग्राम कार्बनिक कार्बन, 5.5 किलोग्राम नाइट्रोजन, 2.3 किलोग्राम फास्फोरस, 2.5 किलोग्राम पोटाश एवं 12 किलो गंधक जलने से लोग प्रभावित हानि पहुंचती है। इसलिए किसानों को धान की पराली जलाने की बजाय उसे जमीन में मिलाकर गेहूं की बुआई करनी चाहिए।
