बेंगलुरु : कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के समीप अट्टीबेले में पटाखा दुकान में आग लगने की घटना में पीड़ित के परिवार के सदस्य ने कथित तौर पर पैसे मांगने के आरोप में सेंट जॉन्स अस्पताल और एक डॉक्टर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक सेंट जॉन्स हॉस्पिटल और डॉक्टर सागर के खिलाफ कोरमंगला थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 384 (जबरन वसूली) के तहत मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है।
घटना में बुरी तरह झुलसे वेंकटेश ने गुरुवार को अस्पताल में दम तोड़ दिया था तथा उसके परिवार ने अस्पताल और डॉ. सागर के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए उसका शव लेने से इनकार कर दिया था। बेंगलुरु के डिप्टी कमिश्नर केए दयानंद के हस्तक्षेप के बाद उन्होंने अपनी मांग वापस ले ली।
मृतक के परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा खर्च वहन करने के आश्वासन के बावजूद अस्पताल ने उन्हें पैसे देने के लिए मजबूर किया। गर्वेभाविपाल्या निवासी वेंकटेश अपने दोस्त के जन्मदिन समारोह के लिए पटाखे खरीदने दुकान पर गया था । इसी दौरान वह गंभीर रूप से झुलस गया था। उसका शहर के सेंट जॉन्स अस्पताल में इलाज चल रहा था। इससे पहले बुधवार शाम को तमिलनाडु के रहने वाले दिनेश (19) नाम के शख्स ने विक्टोरिया अस्पताल में दम तोड़ दिया। वह पटाखे की दुकान पर काम कर रहा था।
गौरतलब है कि अट्टीबेले में पटाखे की दुकान में आग लगने की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। मामला आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) को सौंपे जाने के बाद तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आग में झुलसा अन्य आरोपी नवीन रेड्डी अस्पताल में भर्ती है जहां उसका इलाज चल रहा है। दुकान मालिक ने बिना अनुमति के अवैध रूप से पटाखों का भंडारण कर रखा था। मामले में एक तहसीलदार, पुलिस निरीक्षक और मुख्य अग्निशमन अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को भी नोटिस जारी किया गया है।
बेंगलुरु अग्नि दुर्घटना में अस्पताल के खिलाफ प्राथमिकी
