नोएडा : (पीएमए) नया साल 2024 नयी उमंगों, उम्मीदों और नए जोश के साथ साथ नयी शुरूआत लेकर आ रहा है। नोएडा समेत पूरे एनसीआर के लिए 2024 कुछ खास होने जा रहा है। यह साल न सिर्फ नई विकास की गाथा लिखने जा रहा है बल्कि विश्व मानचित्र पर नोएडा जनपद गौतमबुद्ध नगर को एक नई पहचान भी देने जा रहा है। दरअसल, इस साल कई बड़ी और महत्वकांक्षी परियोजनाओं को क्षेत्रवासी अपने सामने धरातल पर उतरता देखेंगे। इसी कड़ी में देश का सबसे बड़ा जेवर एयरपोर्ट भी इसी वर्ष अपनी पहली उड़ान भरने जा रहा है।
फरवरी में शुरू हो जाएगा ट्रायल रन
यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के सीईओ क्रिस्टोफ श्रेनेलमेन ने बताया कि कंपनी ने तिमाही आधार पर निर्माण से जुड़े लक्ष्य निर्धारित किए हैं। बड़ी बात यह है कि कंपनी निर्धारित वक्त से पहले लक्ष्य हासिल कर रही है। इसी रफ्तार से हवाईअड्डे का निर्माण चलता रहा तो फरवरी 2024 में ही हवाईअड्डे से ट्रायल रन शुरू किया जा सकता है। परियोजना से जुड़े आर्थिक पहलुओं पर पहले ही काम हो चुका है। आधुनिक तकनीक से युक्त यह डिजिटल एयरपोर्ट होगा। सांस्कृतिक धरोहर को समेटे इस एयरपोर्ट में बनारस के घाटों की झलक दिखेगी।
एयरपोर्ट पर बनेंगे छह रनवे
पहले चरण का काम 1334 हेक्टेयर में चल रहा है। टर्मिनल बिल्डिंग, रनवे, एटीसी टावर (एयर कंट्रोल टावर) और अन्य कार्यों को समय से पूरा करने के लिए 400 से अधिक मशीनें और आठ हजार से अधिक श्रमिक लगे हैं। जो दिन रात काम करके प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सपने को पूरा करने में लगे हैं। इस एयरपोर्ट पर छह रनवे बनाए जाएंगे। इसमें से एक रनवे एमआरओ (मेंटीनेंस, रिपेयरिंग एंड ओवरहालिंग) के लिए आरक्षित रहेगा। एमआरओ हब दूसरे चरण में विकसित होगा।
नोएडा एयरपोर्ट को मिली पहचान
पूरी दुनियाभर में जितने भी एयरपोर्ट हैं। उनका एक कोड होता है, जिसको इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन देता है। नोएडा एयरपोर्ट को भी कोड आवंटित हो गया है। दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से मिलता-जुलता कोड नोएडा एयरपोर्ट को मिला है। इस एयरपोर्ट की पहचान डीएक्सएन (DXN) से होगी। बता दें कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए तीन नाम भेजे गए थे। अगर आप फ्लाइट बुकिंग करते हैं तो आपको डीएक्सएन एयरपोर्ट से बुकिंग करनी होगी।
इस एयरलाइन की मिलेगी पहली फ्लाइट
नये साल के सितंबर महीने तक एक रनवे के साथ एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स का संचालन शुरू हो जाएगा। नोएडा एयरपोर्ट से पहले दिन से 65 फ्लाइट उड़ान भरेंगी। इसमें 62 घरेलू, दो अंतरराष्ट्रीय और एक कार्गो फ्लाइट शामिल है। शुरुआत में यहां से लोगों को इंडिगो एयरलाइन की सेवा मिलेगी। इसके लिए एमओयू साइन हो चुका है।
80 एकड़ में बनेगा कार्गो हब
एयरपोर्ट परिसर में 80 एकड़ में मल्टी मॉडल कार्गो हब विकसित किया जाएगा। यहां से दो लाख टन माल हर साल जा सकेगा। यह क्षमता 20 लाख टन सालाना तक की जाएगी। इसमें नई तकनीक का इस्तेमाल होगा। यहां कूलपोर्ट बनेगा, जिससे दवाओं आदि के लिए उचित तापमान मिल सकेगा। कोरियर टर्मिनल और ट्रकिंग सिस्टम भी बनाया जाएगा।
दस एयर ब्रिज बनेंगे
एयरपोर्ट में दस एयर ब्रिज यात्रियों के सफर को आसान करेंगे। इससे यात्री विमान से सीधे टर्मिनल बिल्डिंग में आ-जा सकेंगे। एयरपोर्ट के संचालन के साथ ही एयर ब्रिज भी शुरू हो जाएंगे। बिना एयर ब्रिज के यात्रियों को बस से विमान तक ले जाया जाता है। फिर वहां सीढ़ी लगाकर उन्हें चढ़ाया जाता है। एयर ब्रिज के जरिये यात्री टर्मिनल बिल्डिंग से सीधे विमान तक पहुंच सकेंगे।
दूसरे देशों पर निर्भरता होगी कम
दूसरे चरण में 1365 हेक्टेयर में एमआरओ (मेंटीनेंस, रिपेयरिंग एंड ओवरहालिंग) हब विकसित होगा। इसके लिए डेडीकेटेड रनवे बनेगा। अभी तक देश में एमआरओ का कोई बड़ा हब नहीं है। विमानों की मरम्मत के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता कम हो जाएगी। यह काम एयर इंडिया और सैट्स का ज्वॉइंट वेंचर एयर इंडिया सैट्स (एआईएसएटीएस) करेगा। एआईएसएटीएस ने नोएडा कार्गो टर्मिनल प्राइवेट लिमिटेड के नाम से एसपीवी बनाकर काम शुरू कर दिया। इसमें 1200 करोड़ रुपये का निवेश होगा।
तय समय पर पूरा होगा काम
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर का संचालन अगले साल शुरू हो जाएगा। डेड लाइन के हिसाब से एयरपोर्ट का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। यहां यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।
