नई दिल्ली : ज्योतिरादित्य एम सिंधिया ने आज जिंदल स्टेनलेस लिमिटेड, हिसार में स्थित स्टेनलेस स्टील सेक्टर में भारत के पहले ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट का वर्चुअल उद्घाटन किया। इस अवसर पर इस्पात सचिव नागेंद्र नाथ सिन्हा, जिंदल स्टेनलेस लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अभ्युदय जिंदल, हाइजेन को के संस्थापक अमित बंसल और इस्पात मंत्रालय के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
इस्पात मंत्री ने कोविड के बाद के युग में जिम्मेदार आर्थिक प्रगति की आवश्यकता पर बल देते हुए हरित और सतत भविष्य के लिए भारत की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “जैसा कि दुनिया महामारी के बाद से उबरने का प्रयास कर रही है, भारत वैश्विक पर्यावरण लक्ष्यों में योगदान करने के अपने संकल्प पर दृढ़ है।”
मंत्री ने कहा कि भारत का समृद्ध पर्यावरण इतिहास, परंपराओं और प्रथाओं में गहराई से निहित है, जिसे अब आधुनिक रणनीतियों के माध्यम से पुनर्जीवित किया जा रहा है। देश पंचामृत (जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए पंचकोणीय रणनीति) और मिशन लाइफ (पर्यावरण के अनुकूल जीवन शैली का समर्थन करना और पर्यावरण की रक्षा के लिए समर्पित एक विश्वव्यापी प्रयास) जैसी पहलों के साथ जलवायु परिवर्तन से निपटने में महत्वपूर्ण प्रगति कर रहा है।
यह विकास के लिए एक समग्र दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। यह प्रकृति और मानव समृद्धि, दोनों को संतुलित करता है। उन्होंने कहा, “एक सरकार के रूप में हम 2070 तक शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कंपनियों, नागरिकों और राज्य सरकारों को हरित विकास और हरित कामकाज पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।”
