लखनऊ : उत्तर प्रदेश की मौजूदा योगी आदित्यनाथ सरकार के अब तक के लगभग सात साल के कार्यकाल में 19 फरवरी को चौथा अवसर होगा जब ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह (जीबीसी) के जरिये प्रदेश में निवेश की बयार बहेगी। इससे पहले योगी सरकार तीन ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी आयोजित कर चुकी है, जिसके माध्यम से प्रदेश में 2.10 लाख करोड़ से ज्यादा का निवेश धरातल पर उतारा गया था।
उत्तर प्रदेश सरकार ने फरवरी-2018 में पहली बार यूपी इन्वेस्टर्स समिट का सफलतापूर्वक आयोजन किया था। समिट में 4.28 लाख करोड़ रुपए के 1,045 एमओयू पर हस्ताक्षर हुए थे। इसके उपरांत जुलाई-2018 में प्रथम ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह तथा जुलाई 2019 में दूसरा ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह आयोजित किया गया, जिसमें क्रमशः 61,792 करोड़ रुपए के निवेश वाली 81 परियोजनाओं तथा 67,202 करोड़ रुपए के निवेश वाली लगभग 290 परियोजनाओं का सफलतापूर्वक शुभारंभ किया गया।
जून 2022 में, ग्राउंड-ब्रेकिंग समारोह के तीसरे संस्करण का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 80,000 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश वाली 1,400 से अधिक परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया। इस लिहाज से 2024 में होने जा रही जीबीसी में निवेश का साइज पिछली तीन जीबीसी के मुकाबले पांच गुना ज्यादा है।
