श्रीनगर : राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शनिवार को दो प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों, लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और हिजबुल मुजाहिदीन (एचएम) से जुड़े, नार्को-आतंकवाद मामले में शामिल आरोपियों की चार अचल संपत्ति को कुर्क किया और करीब 2.27 करोड़ रुपये नकद जब्त किये।
एनआईए के अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा तहसील में चार आरोपियों की संपत्तियां कुर्क की गईं। कुर्क की गयी संपत्तियों में से अफाक अहमद वानी का दो मंजिला घर, मुनीर अहमद पांडे का एक मंजिला घर, सलीम अंद्राबी का घर और इस्लाम उल हक का दो मंजिला घर शामिल है। इस मामले में अब तक कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 15 लोगों पर आरोप लगाये गये हैं।
एजेंसी ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की धारा के तहत कुल 2.27 करोड़ रुपये नकद जब्त किए। दरअसल, एनआईए की जम्मू शाखा में 2020 में दर्ज मामला हंदवाड़ा-कुपवाड़ा क्षेत्र में सक्रिय लश्कर और एचएम द्वारा हिंसक आतंकी गतिविधियों को वित्त पोषित करने के लिए ‘मादक दवाओं की आय’ के उपयोग से संबंधित है। हंदवाड़ा उप जिले के लंगेट इलाके में वाहनों की जांच के दौरान एक काले बैग और बड़ी संख्या में करीब पांच सौ मूल्यवर्ग के भारतीय मुद्रा नोटों की बरामदगी के बाद मामला दर्ज किया गया था। इन नोटों की बरामदगी बिना रजिस्ट्रेशन नंबर की सफेद क्रेटा कार से की गई थी।
गौरतलब है कि कार चालक अब्दुल मोमिन पीर से प्रारंभिक पूछताछ में नार्को-आतंकवाद मामले में शामिल होने का खुलासा हुआ था, जिसके बाद एनआईए ने विस्तृत जांच शुरू कर दी थी। एनआईए ने कहा कि विभिन्न आरोपियों के घरों में शुरुआती तलाशी के दौरान 21 किलोग्राम हेरोइन के अलावा बड़ी मात्रा में नकदी सहित विभिन्न आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई। आतंकवाद विरोधी एजेंसी कश्मीर में आतंकवादी नेटवर्क को नष्ट करने और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए अपने निरंतर प्रयास जारी रखे हुए है।
आतंकवादी मामले में चार अचल संपत्तियां कुर्क
