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महिलाओं को साहूकारों के चंगुल से कराया मुक्त

हमीरपुर : उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में राष्ट्रीय आजीविका मिशन कार्यक्रम(एनआरएलएम) ने गरीब महिलाओं की किस्मत बदल दी है। साहूकारों के करोड़ो रुपये कर्ज के बोझ से लदी 1135 महिलाएं कर्ज से मुक्त हो कर अपनी स्वच्छंद जिंदगी जी रही है। अब ग्रामीण महिलाएं साहूकारों से ही नही बैंक से भी नही ऋण नही ले रही है। एनआरएलएम के जिला प्रबंधक प्रशांत मिश्रा ने शनिवार को बताया कि केन्द्र सरकार का यह कार्यक्रम बुन्देलखंड में महिलाओं के लिये एक संजीवनी साबित हो रहा है। जिले में 74 सौ महिलाओं के समूहों का गठन किया गया है जिसमे 76 हजार महिलाएं इस कार्यक्रम में छोटे छोटे उद्योग संचालित कर लाभ ले रही है।
ग्रामीण परिवेश में महिलाओं के उत्थान के लिये अब शासन ने प्राथमिकता के तौर पर समूह को राशन कोटा, विजली के बिल काटना हर सरकारी कार्यक्रम में समूह की महिलाओं को शामिल किया जा रहा है। जिले में करीब दो हजार गरीब महिलाएं साहूकारों से दस फीसदी सैकड़ा में ब्याज लेकर उनकी गुलामी कर रही थी,जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब होती जा रही थी।यही नही बैंक भी कोई भी कर्ज देने में दस से ग्यारह फीसदी ब्याज लेता है मगर केन्द्र सरकार ने इस कार्यक्रम में ऋण व व्याज के लिये विशेष व्यवस्था कर रखी है। विभाग ने समूह में शामिल सभी महिलाओं को गांवों में छोटे छोटे रोजगार के लिये प्रोत्साहित किया जिससे आज 1135 महिलाएं साहूकारों के कर्ज से मुक्त हो चुकी है।
इन महिलाओं को सरकार ने सीआईएफ(सामुदायिक निवेश निधि) के तहत साढ़े छह करोड़ रुपये अलग से बजट
आवंटित कर दिया है यह धनराशि गरीब महिलाओं को केवल एक फीसदी ब्याज में ऋण के रुप में दिया जाता है। गरीब महिलाए सीआई एफ से कर्ज लेकर उससे धंधा कर समय से पैसे जमा कर देती है जिससे यह कोष तीन साल में बढ़कर 15 करोड़ रुपये हो गया है।

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