चंडीगढ़ : पंजाब विजीलेंस ब्यूरो ने आज नकली टैक्स वसूली घोटाले के मामले में एक भगोड़े मुलजिम को गिरफ्तार किया है।
विजीलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि इस मामले में वांछित सतपाल चौधरी निवासी गाँव मुरतज़ाबाद (सतबागड़ी), जि़ला पलवल, हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा अग्रिम ज़मानत पेटीशन ख़ारिज होने के बाद अपनी गिरफ़्तारी से बच रहा था। उन्होंने कहा कि वह एस.ए.एस. नगर जिले के टैक्स कलेक्शन सेंटर, झरमड़ी, लालड़ू में दाखि़ल होने वाले व्यापारिक वाहनों से नकली कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और नकली स्टेप्स/ सीलों का प्रयोग करके टैक्स वसूली करने सम्बन्धी एक घोटाले में वांछित था। इस मामले में हरपाल सिंह निवासी गाँव हसनपुर, फतेहाबाद, हरियाणा, सलिन्दर सिंह निवासी गांव बिशनपुरा, ज़ीरकपुर और प्रवीन कुमार निवासी गाँव खानपुर, खरड़, एस.ए.एस. नगर को पहले ही गिरफ़्तार किया जा चुका है, जोकि अंतरराज्यीय टैक्स वसूली केंद्र में नकली कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और नकली स्टेप्स/ सीलों का प्रयोग करते थे। उक्त मुलजिमों के साथी सतपाल चौधरी को भी परिवहन विभाग के ई-परिवहन सॉफ्टवेयर की तर्ज पर तैयार किये नकली सॉफ्टवेयर का लिंक मुहैया करवाने के दोष अधीन नामज़द किया गया था।
उन्होंने इस घोटाले संबंधी और ज्यादा जानकारी देते हुये बताया कि रोज़ाना 2000 के करीब व्यापारिक वाहनों के साथ-साथ व्यापारिक वाहनों की नयी चासियां बाहर के राज्यों से पंजाब में दाखि़ल होती हैं। इन वाहनों को पंजाब में दाखि़ल होने या निकलने के लिये टैक्स का भुगतान करना पड़ता है, जोकि सम्बन्धित वाहन के ड्राइवर/ मालिक द्वारा ऑनलाइन या उक्त चेक पोस्ट पर तैनात स्टाफ के पास जमा करवाया जाता है।
प्रवक्ता ने कहा कि झरमड़ी में आर.टी.ए. चेक पोस्ट पर तैनात मुलाजि़म ई-परिवहन सॉफ्टवेयर में वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर और किस्म समेत ज़रूरी विवरण भरने के बाद
टैक्स की बनती रकम वसूल करते हैं। उन्होंने कहा कि वसूली गयी रकम सरकारी खजाने में जमा करवान अनिवार्य होता है। हालाँकि, इन मुलाजिमों ने रकम का गबन करने के इरादे से असली जैसा ही एक नकली सॉफ्टवेयर तैयार किया, और इसका प्रयोग व्यापारिक वाहनों से टैक्स वसूलने और वाहनों के मालिकों/ड्राइवरों के लिए नकली रसीदें तैयार करने के लिये करते थे।
प्रवक्ता ने बताया कि इस तरह होने वाली आमदन से यह मुलजिम लंबे समय से अपनी जेबें भर रहे थे, जिससे सरकारी खजाने को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा था। उन्होंने बताया कि इतना ही नहीं, वाहनों के मालिकों/ ड्राइवरों को इसकी वास्तविक्ता संबंधी यकीन दिलाने के लिये रसीदों पर चिपकाने के लिये नकली स्टेप/सीलें भी बनायी हुई थीं।
नकली टैक्स वसूली घोटाले का भगोड़ा अपराधी गिरफ्तार
