श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर पुलिस की राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) के वांछित अपराधी और फरार मादक पदार्थ तस्कर जावेद अहमद ठक्कर ने बुधवार को श्रीनगर की एक अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। एसआईए ने बरहोन थानामंडी, राजौरी जम्मू के ठक्कर उर्फ राजा ठक्कर के आत्मसमर्पण को मामले में बड़ी सफलता बताया। जावेद ठक्कर नार्को-आतंकवादी वित्तपोषण मामले में वांछित था। उसने श्रीनगर में विशेष यूएपीए अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
एसआईए ने कहा कि ठक्कर पिछले एक साल से गिरफ्तारी से बच रहा था। जांच एजेंसी ने उसे भगोड़ा अपराधी घोषित कराकर विशेष अदालत में उसकी चल-अचल संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि एसआईए ने निरंतर प्रयासों और कानूनी कार्रवाई के माध्यम से आरोपी को एजेंसी के सामने आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर करने वाली परिस्थितियां बनाईं।
उन्होंने बताया कि अपराधी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए केंद्रीय जेल श्रीनगर भेज दिया गया है। गौरतलब है कि मामले की जांच में एजेंसी ने अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके खिलाफ विशेष अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया है।
अन्य पांच भगोड़ों में लारक्रिपोरा के अब्दुल रशीद भट, पदगामपोरा, अवंतीपोरा पुलवामा, के सगीर अहमद पोसवाल और इफ्तिखार अहमद के शेख दोनों अमरोही ताड़ करनाह कुपवाड़ा के निवासी हैं। अमरगढ़ सोपोर के अब्दुल रशीद मीर और पर्दा करनाह , कुपवाड़ा के बशारत अहमद पोसवाल शामिल हैं। जो पाकिस्तान से काम कर रहे हैं। एसआईए ने कहा,“शेष शामिल आरोपियों के संबंध में जांच जारी है।”
एसआईए द्वारा वांछित फरार तस्कर ने किया आत्मसमर्पण
