हैदराबाद : अशोक गहलोत ने मंगलवार को आरोप लगाया कि तेलंगाना में सत्तारुढ़ भारत राष्ट्र समिति(बीआरएस) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एक दूसरे से मिले हुए हैं। गहलोत ने यहां गांधी भवन में संवाददाताओं से कहा कि बीआरएस और भाजपा की मिलीभगत है तथा प्रदेश की जनता अच्छी तरह से वाकिफ है। उन्होंने तेलंगाना में बीआरएस सरकार के कार्यकाल में परीक्षापत्रों के कथित लीक की ओर ध्यान आकर्षित किया और कहा कि केंद्र की भाजपा नीत सरकार के शासन में यह राज्य आर्थिक अपराधों का केंद्र बन गया है।
उन्होंने कहा कि कुछ व्यवसायी बैंकों से पर्याप्त ऋण प्राप्त करने के बाद दूसरे देशों में भाग गये और केंद्र सरकार ने इन ऋणों को माफ करके उनकी सहायता की। भाजपा पर तेलंगाना में चुनावी लाभ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह देश में भ्रष्टाचार का नंबर एक स्रोत है।
उन्होंने जोर दिया कि जहां कुछ पार्टियों ने कथित तौर पर देश की संपत्ति लूटी, वहीं कांग्रेस लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है। गहलोत ने राज्य की सत्ता में आने पर कांग्रेस पार्टी के छह गारंटियों के घोषणापत्र को लागू करने का आश्वासन दिया। उन्होंने 30 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनावों में लोगों के कल्याण के लिए पार्टी की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।
