जयपुर : अशोक गहलोत ने जल संसाधन विभाग से संबंधित पांच विकास कार्यों के लिए 156.13 करोड़ रुपए की वित्तीय एवं जोधपुर डिस्कॉम द्वारा एक लाख 15 हजार 383 अविद्युतिकृत घरों को आरडीएसएस योजना के तहत विद्युतीकृत करने तथा जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के छह नवीन कार्यालय खोलने एवं नये पद सृजित करने की स्वीकृति प्रदान की है।
जल संसाधन विभाग से संबंधित पांच विकास कार्यों के लिए स्वीकृत 156.13 करोड़ रुपए की राशि से झालावाड़ जिले में राजगढ़ मध्यम सिंचाई परियोजना में फव्वारा पद्धति के विकास कार्य, घुघवा लघु सिंचाई परियोजना में निर्माण कार्य तथा गागरीन सिंचाई परियोजना में आवश्यक सिंचाई सुविधा के कार्य कराए जाएंगे। इसके साथ ही बूंदी जिले में उतराना माइक्रो लिफ्ट सिंचाई परियोजना में निर्माण कार्य तथा बांसवाड़ा जिले के कूपड़ा गांव में अनास नदी पर एनिकट का निर्माण कराया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने राज्य बजट 2023-24 में इस संबंध में घोषणा की थी। गहलोत ने जोधपुर डिस्कॉम द्वारा एक लाख 15 हजार 383 अविद्युतिकृत घरों को आरडीएसएस योजना के तहत विद्युतीकृत करने के लिए स्वीकृति प्रदान की है। यह घर सौभाग्य योजना की समाप्ति के उपरांत विद्युतीकरण से वंचित रह गए थे। इस कार्य के लिए 322.61 करोड़ रुपए की लागत आएगी।
विद्युतीकृत होने वाले घरों में बाड़मेर जिले के 41 हजार 396, जोधपुर जिले के 20 हजार 993, जैसलमेर जिले के 16 हजार 853, बीकानेर जिले के 14 हजार 458, चूरू जिले के 6379, जालौर जिले के 5368, सिरोही जिले के 4981, हनुमानगढ़ जिले के 2057, श्रीगंगानगर जिले के 1675 तथा पाली जिले के 1223 घर शामिल हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के छह नवीन कार्यालय खोलने एवं इन कार्यालयों के संचालन के लिए 52 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति दी है।
प्रस्ताव के अनुसार नागौर जिले के कुचामन में वृत्त (अधीक्षण अभियंता) कार्यालय, जायल में खण्ड (अधिशाषी अभियंता) कार्यालय तथा डेह में उपखण्ड (सहायक अभियंता) कार्यालय खोला जाएगा। इसके साथ ही सीकर जिले के खण्डेला में खण्ड (अधिशाषी अभियंता) कार्यालय एवं अजमेर के सावर तथा अलवर के भिवाड़ी में उपखण्ड (सहायक अभियंता) कार्यालय खोले जाने की स्वीकृति दी गई है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री द्वारा राज्य बजट 2023-24 में इस संबंध में घोषणा की गई थी।
गहलोत ने दी विकास कार्यों के लिए वित्तीय मंजूरी
