इंफाल : मणिपुर में सोमवार आधी रात से शुरू हुई 48 घंटे की आम हड़ताल से सामान्य जनजीवन पूरी तरह से बाधित हो गया। मणिपुर पुलिस ने हथियारों समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया था जिनकी बिना शर्त रिहाई की मांग को लेकर हड़ताल का आह्वान किया गया था। विभिन्न संगठनों ने कहा कि ये पांच लोग ग्राम रक्षा स्वयंसेवक थे जो राज्य में दो जातीय समूहों के बीच चल रही झड़पों के कारण अपने गांव को दूसरे जातीय समूह के हमले से बचा रहे थे।
हड़ताल के दौरान प्रदर्शनकारियों ने टायर और लकड़ी का इस्तेमाल कर सड़कें अवरुद्ध कर दी। राज्य के ज्यादातर हिस्सों से प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प की खबरें आयी। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लोग खुद का बचाव करने के लिए मजबूर हैं क्योंकि सुरक्षाकर्मी निर्दोष नागरिकों की रक्षा करने में विफल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि गत 03 मई को चुराचांदपुर जिले में हिंसा शुरू होने के बाद अब तक 170 से अधिक लोग मारे गये हैं और 33 लापता हैं । वहीं 60,000 लोग विस्थापित हुए हैं तथा 4100 से अधिक घर पूरी तरह से जल गये हैं। हड़ताल के मद्देनजर बड़े पैमाने पर सुरक्षा व्यवस्था की गयी , हालांकि सभी व्यावसायिक और शैक्षणिक प्रतिष्ठान बंद रहे।
