लंदन : भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाजी विराट कोहली ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल से पहले कहा है कि ऑस्ट्रेलिया का कौशल और “प्रतिस्पर्धी रवैया” उन्हें बेहतर खेलने के लिए प्रेरित करता है। कोहली ने स्टार स्पोर्ट्स के साथ बातचीत में कहा, “वह (ऑस्ट्रेलिया की) मानसिकता मुझे अच्छे से समझ आती है। इतने प्रतिस्पर्धी लोग, 11 के 11 एक ही दिशा में सोचते हैं। उन्हें पता है कि मैच में क्या चल रहा है। उन्हें जहां मौका मिलता है उसका फायदा उठाने के बारे में सोचते हैं। ऐसी टीम के खिलाफ मेरी प्रेरणा और बढ़ जाती है।”
उन्होंने कहा, “ऐसी टीम जो इतनी प्रतिस्पर्धी है और जिसका कौशल इतना अधिक है, ऐसी टीम के खिलाफ मुझे अपने खेल का स्तर बढ़ाना ही पड़ता है। इस टीम का कौशल ऐसा है कि एक बार आगे आने पर यह आपको मैच में वापस आने का मौका ही नहीं देंगे। इसी वजह से मुझे अपना खेल दूसरे स्तर पर लेकर जाना ही पड़ेगा।”
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच डब्ल्यूटीसी फाइनल की शुरुआत बुधवार को यहां द ओवल मैदान पर होगी। कोहली ने मैच से पहले कहा कि ओवल पर बल्लेबाजी करना आसान नहीं होगा और बल्लेबाजों को सतर्क रहने की जरूरत होगी। कोहली ने कहा, “मुझे लगता है कि ओवल चुनौतीपूर्ण होगा, हमें सपाट पिच नहीं मिलेगी और बल्लेबाजों को सतर्क रहने की जरूरत होगी। हमें अपने अनुशासन पर ध्यान देना होगा। इसलिए आपके पास परिस्थितियों के अनुसार खेलने के लिए अनुभव होना चाहिए। हम इस उम्मीद के साथ नहीं जा सकते हैं कि ओवल की पिच हमेशा की तरह रहेगी।”
भारत ने इससे पहले 2021 में भी डब्ल्यूटीसी फाइनल में जगह बनाई थी, जहां उसे न्यूजीलैंड के हाथों हार मिली थी। इस बार जीत की उम्मीद लिए कोहली ने कहा कि जो भी ओवल की परिस्थितियों में बेहतर ढलेगा, जीत उसे मिलेगी। उन्होंने कहा, “हमें परिस्थितियों में ढलना होगा। हमारे पास केवल एक मैच है इसलिए जो भी परिस्थितियों में बेहतर ढलेगा वह मैच जीत जाएगा। यह विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की सुंदरता है। दो टीमें जो घरेलू परिस्थितियों में नहीं हैं। इसलिए यह देखना बहुत रोमांचक होगा कि दोनों टीमें किस तरह से स्थिति से सामंजस्य बिठाती हैं।”
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बेहतर खेलने की प्रेरणा मिलती है
