नई दिल्ली। बुधवारको महाराजा अग्रसेन कॉलेज, ‘स्पिक मैके’ अध्याय के तहत, विदूषी सुनंदा शर्मा ने हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत का एक सुन्दर प्रदर्शन किया। इस आयोजन की शुरुआत सरस्वती वंदना की मधुर ध्वनि के साथ हुई जिसमें विदुषी सुनंदा शर्मा , प्राचार्य संजीव तिवारी और ‘स्पिक मैके’ के समन्वयक शिक्षकों ने दीप प्रज्वलन किया। अपनी गुरु विदुषी गिरिजा देवी जी को याद करते हुए अपने गायन की शुरूवात की। विदूषी सुनंदा शर्मा जी के साथ डॉ. जयशंकर ने तबला पर उनका साथ दिया और हारमोनियम पर ज़ामिद अहमद खान साहब। महाराजा अग्रसेन के प्राचार्य, प्रोफेसर संजीव तिवारी जी ने कहा कि शास्त्रीय संगीत एक समय रहित संगीत है जो पीढ़ियों को पार करता है और आत्मा को छूने की ताकत रखता है । विदुषी सुनंदा शर्मा जी ने छात्रों से भरे सभागार सरदार वल्लभ भाई पटेल को अपने राग मियां की तोड़ी के साथ मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का अंत छात्रों और कलाकारों के बीच संवाद से हुआ।




