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लॉजिस्टिक कॉस्ट को आठ फीसदी तक लाना सरकार का लक्ष्य

लखनऊ : केन्द्रीय वाणिज्य व उद्योग राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने रविवार को कहा कि लॉजिस्टिक कॉस्ट को 14 प्रतिशत से आठ फीसदी तक लाने का केन्द्र सरकार का लक्ष्य है।
उत्तर प्रदेश ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट-2023 में ‘उत्तर प्रदेश-द इमरजिंग वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स हब ऑफ इंडिया’ सत्र को संबोधित करते हुए श्रीमती पटेल ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की वेयरहाउसिंग और लजिस्टिक नीति लॉजिस्टिक कॉस्ट को कम करने में सहायक होगी। अपनी निवेश के अनुकूल नीतियों, सुधारों और सरकारी सहयोग की वजह से उत्तर प्रदेश ने एक ट्रिलियन डॉलर इकॉनॉमी के लक्ष्य को पूरा करने की ओर अग्रसर है।
पटेल ने कहा कि इंवेस्टर्स समिट के जरिए प्रदेश में वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स सेक्टर में 80 हजार करोड़ से ज्यादा का निवेश के लिये एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं, जो कि स्वयं में एक बड़ी उपलब्धि है। इस निवेश से प्रदेश में आने वाले समय में रोजगार के द्वार खुलेंगे।
उन्होने कहा कि नेशनल कैपिटल रिजन के पास स्थित उत्तर प्रदेश “निवेश का आकर्षक द्वार” के तौर पर स्थापित हो रहा है। नेशनल जीडीपी में प्रदेश की हिस्सेदारी आठ फीसदी है। लॉजिस्टिक क्षेत्र में विकास की वजह से उत्तर प्रदेश को लॉजिस्टिक ईज एक्रॉस डिफेरेंट स्टेट्स सर्वे-लीड्स 2022 में एचीवर्स कैटेगरी में शामिल किया गया है। उत्तर प्रदेश को ‘क्वलिटी ऑफ रेल इंफ्रास्ट्रक्चर’ के तौर पर लीडर स्टेट का दर्जा मिला है।
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स के सेक्टर में भी तेजी से उभर रहा है। उत्तर प्रदेश ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट 2023 के जरिए प्रदेश में वेयर हाउसिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में 80 हजार करोड़ से ज्यादा के निवेश के लिये एमओयू हो चुके हैं। यह स्वयं में बड़ी उपलब्धि है। विश्वास है कि जल्द ही उत्तर प्रदेश में न केवल आर्थिक तौर पर आत्मनिर्भर होगा, बल्कि रोजगार के क्षेत्र में भी प्रदेश कीर्तिमान स्थापित करेगा। प्रदेश के युवाओं को पलायन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

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