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सरकार चार चिकित्सा कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी शुरू करेगी

शिमला : ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार डिपार्टमेंट ऑफ इमरजेंसी मेडिसन बना रही है, जिसके तहत चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ आठ घंटे की शिफ्ट में काम करेंगे। इससे आपातकालीन सेवाओं में गुणवत्ता बढ़ने के साथ-साथ चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टॉफ स्वस्थ भी रहेंगे। सुक्खू ने रविवार को जिला मण्डी के लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, नेरचैक में एमबीबीएस चिकित्सकों के प्रथम दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य के चार चिकित्सा महाविद्यालयों शिमला, टांडा, नेरचैक, हमीरपुर में रोबोटिक सर्जरी शुरू करने जा रही है। शिमला और टांडा चिकित्सा महाविद्यालयों में लेटेस्ट पैट स्कैन और सीटी स्कैन की सुविधा दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में चिकित्सा महाविद्यालयों में विश्व स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी और राज्य सरकार इस पर गंभीरता के साथ कार्य कर रही है। हमीरपुर में कैंसर का आधुनिक अस्पताल निर्मित किया जा रहा है। राज्य सरकार ने मेडिकल सर्विस कॉरपोरेशन का गठन किया है, जिससे सरकारी खरीद में पारदर्शिता आएगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान में चिकित्सकों को भी चुनौतियों से गुजरना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि चुनौतियों से निपटने के लिए कड़ा परिश्रम करना पड़ता है और मेहनत के बाद ही सफलता हासिल होती है। सरकारी क्षेत्र में रोजगार के सीमित अवसर होने के बावजूद राज्य सरकार चिकित्सकों को रोजगार के अवसर प्रदान करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विज्ञान में तकनीकी बदलावों के दृष्टिगत चिकित्सकों को नई तकनीक अपनाकर आगे बढ़ना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पेयजल की गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रयास कर रही है और प्रदेश की सभी पेयजल योजनाओं में चरणबद्ध तरीके से यूवी आधारित वॉटर प्यूरिफाइर की तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।
सुक्खू ने कहा कि पिछली सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन के कारण राज्य की आर्थिक स्थिति चिंताजनक थी, जिस कारण राज्य सरकार को छह हजार करोड़ रुपये का ऋण लेना पड़ा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को चार वर्ष में पटरी पर लाया जाएगा, जिसके लिए कड़े फैसले लेने होंगे। उन्होंने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन और प्रदेश हित में निर्णय लिए जा रहे हैं और आने वाले पीढ़ी इन निर्णयों से लाभान्वित होगी। आगामी दस वर्षों में हिमाचल प्रदेश देश का सर्वाधिक समृद्ध राज्य बनेगा। प्रदेश सरकार ने राज्य के राजस्व में वृद्धि करने की दिशा में विरोध के बावजूद प्रदेश में संचालित की जा रही जल विद्युत परियोजनाओं में विद्युत उत्पादन पर जल उपकर लगाया है, जिससे एक वर्ष में 1800 करोड़ रुपये का राजस्व आर्जित होगा। इस निर्णय के संबंध में हरियाणा और पंजाब सरकार से भी चर्चा की गई है।
राज्य सरकार ने शराब की रिटेल दुकानों को नीलाम कर राजस्व में 40 प्रतिशत की वृद्धि की है, जबकि पिछली भाजपा सरकार ने दुकानों के आवंटन को रिन्यू करके राजस्व को हानी पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन क्षेत्र को भी प्रोत्साहन प्रदान कर रही है, जिसके तहत कांगड़ा को प्रदेश की पर्यटन राजधानी बनाया जा रहा है और कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तार किया जा रहा है। इसके साथ-साथ मंडी और अन्य क्षेत्रों को भी पर्यटन के दृष्टिगत बढ़ावा प्रदान किया जा रहा है।

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