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गोयल ने निर्यातकों को सब्सिडी का सहारा छोड़ने की दी सलाह

नयी दिल्ली : केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को सेवा क्षेत्र के निर्यातकों से गुरुवार को सरकारी सब्सिडी का सहारा छोड़ने का आह्वान करते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि सब्सिडी उद्योग को अप्रतिस्पर्धी बनाती है।
श्री गोय ने सेवा क्षेत्र से नवोन्मेष पर ध्यान केंद्रित करने और प्रतिस्पर्धात्मक लाभ के निर्माण पर ध्यान देने की अपील की और कहा कि सेवा क्षेत्र ने 350 अरब डॉलर का निर्यात लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसे हासिल करने की राह पर है। उन्होंने निर्यातकों से दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका जैसे नए बाजारों की खोज पर विचार करने का भी आग्रह किया।
वाणिज्य मंत्री ने कहा कि सरकार की सब्सिडी रणनीति गरीबों और जरूरतमंदों पर केंद्रित है। उन्होंने सेवा क्षेत्र की निर्यात संवधन परिषद (एसईपीसी) से महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को लगातार आगे बढ़ाने का आग्रह किया और कहा कि ये लक्ष्य छोटी सब्सिडी और प्रोत्साहन से प्रभावित नहीं होते हैं। श्री गोयल सर्विसेज एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल्स (एसईपीसी) इंडिया@2047: सेवा क्षेत्र की निर्यात की रणनीति ‘ कौशलसंवर्धन एवं उच्च शिक्षा क्षेत्र का अंतर्राष्ट्रीयकरण ‘ विषय पर एक सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।
निर्यात में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सेवा क्षेत्र की सराहना की श्री गोयल ने सराहना की और इस क्षेत्र के सभी हितधारकों से भारत की सहज प्रतिस्पर्धात्मक क्षमताओं का लाभ उठाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
भारत की एलईडी लाइटिंग क्रांति का उदाहरण देते हुए, श्री गोयल ने कहा कि पहल की सफलता सुनिश्चित करने वाला पहला कदम सब्सिडी को हटाना था। बड़े पैमाने पर कारोबार की रणनीति इस्तेमाल किए जाने से देश में एलईडी बल्ब की मांग बढ़ी और अंततः कीमतों में भारी कमी आई और गुणवत्ता में काफी सुधार हुआ।
श्री गोयल ने कहा कि नयी शिक्षा नीति, पांच साल के परामर्श के परिणाम ने इस क्षेत्र को दुनिया के साथ व्यापक जुड़ाव के लिए खोल दिया है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर के शीर्ष शैक्षणिक संस्थान प्रख्यात भारतीय विश्वविद्यालयों के साथ सहयोग करने, विदेशों में भारतीय विश्वविद्यालयों के परिसरों की मेजबानी करने और छात्र विनिमय कार्यक्रमों में संलग्न होने के लिए बहुत उत्सुक हैं।

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