स्थानीय कलाकारों को मिलेगा सुनहरा अवसर
इंफोसिस फाउंडेशन ऑफ इंडिया के सौजन्य से आयोजित सात दिवसीय कार्यक्रम
भारतीय कला-शास्त्रीय संगीत, संस्कृत, संस्कृति, संस्कार में होगा विस्तार
कपिल शर्मा /गौरवशाली भारत
नई दिल्ली। इंडिया गेट समीप कस्तूरबा गाँधी मार्ग स्थित भारतीय विद्या भवन में सोमवार शाम फिल्म एंड टेलिविज़न अध्यन विभाग के मीडिया समन्वयक रमेश प्रसाद साहू द्वारा प्रेस वार्ता की गई। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता में भा.वि. भवन के निदेशक एवं (सेवानिवृत्त आईएएस) अशोक प्रधान, सेवानिवृत्त आईएएस राजेश मिश्रा रजिस्ट्रार ऑफ़ भारतीय विद्या भवन दिल्ली केंद्र स्थित मुंशी मेमोरियल हाॅल में हुई प्रेस वार्ता में शामिल हुए।
कार्यक्रम दौरान तमाम प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के संवाददाता सम्मेलन समारोह को संबोधित करते हुए भारतीय विद्या भवन के निदेशक एवं (सेवानिवृत्त आईएएस) अशोक प्रधान ने कहा कि, इंफोसिस फाउंडेशन के सौजन्य से भारतीय विद्या भवन स्थित मुंशी मेमोरियल ऑडिटोरियम में सात दिवसीय भारतीय शास्त्रीय संगीत महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा।

शनिवार 4 फरवरी से शुक्रवार 10 फरवरी तक चलेगा कार्यक्रम
सात दिवसीय शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य गान समारोह में समय सारिणी निर्धारित करते हुए बताया गया कि, दो चरणों में कार्यक्रम होगा। अपरान्ह समय साढ़े तीन बजे से पहला कार्यक्रम और छह बजे से दूसरा प्रोग्राम होगा। बता दें कि, मुंशी मेमोरियल सभागार में यह कार्यक्रम विशेष होंगे। जिसमें प्रथम दिवस सितार वादक क्षितिज माथुर द्वार हिंदुस्तानी क्लासिकल के साथ ये आर्ट ऑफ स्टोरी टेलिंग प्रस्तुति होगी। दास्तान-ए-गोइ फौज़िया दास्तान-गो प्रस्तुत करेंगी। वहीं दूसरे दिन संगीत यंत्र सितार के माध्यम से सुल्तान नियाज़ी एवं समूह की प्रस्तुति सहित संगीत एवं लोक नृत्य जया सक्सेना प्रस्तुत करेंगी। तृतीय दिवस में कठपुतली (पुप्पेट) मोहम्मद शामिम और गज़ल संदीप बनर्जी प्रस्तुत करेंगे। वहीं कार्यक्रम के चतुर्थ दिवस संगीत उपकरण सितार यंत्र सहित मेहतव अली नियाज़ी की पेशकश होगी साथ ही कथकली/कथक नृत्य कोमल बिस्वल और पल्लवी लोहानी प्रस्तुत करेंगी। पाँचवें दिन सांस्कृतिक समारोह में कॉन्ट्रैमपाॅरी डाॅंस संगीता शर्मा सहित बाॅम्बू सेमफ़ोनी शुभाशीष सभ्यासच्ची एवं समूह द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा। कार्यक्रम के छठे दिन भारतीय सेमी क्लासिकल गीत इंदिरा नायक और क्लासिकल कार्नेटिक वोकल एवं भजन सुधा रघुरामन द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा। वहीं कार्यक्रम के अंतिम दिन कलबेलिया संगीत एवं नृत्य के साथ अनवर ख़ान लंगा एवं समूह सहित अपनी अदाकारी पेश करेंगे। साथ ही त्रिवेणी भांगड़ा पंजाबी परंपराओं की छवि बिखेरता दृश्य संगीत उपकरण सहित एकल/समूह नृत्य लूडी कलाकार मोनू कुमार एवं समूह द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा। इस दौरान कव्वाली और गज़ल प्रस्तुति सहित प्रतिष्ठित एवं मशहूर कलाकार अपना जलवा सभागार में दिखाएंगे।
भारत की सांस्कृतिक विरासत का प्रमुख स्तंभ है भारतीय विद्या भवन
भारतीय शास्त्रीय संगीत समारोह के बारे में मीडिया को जानकारी देते हुए भवन निदेशक अशोक प्रधान ने बताया कि, भारतीय विद्या भवन का बुनियादी उद्देश्य संस्कृत और संस्कृति को आगे बढ़ाना है भारतीय विद्या भवन समृद्ध संस्कृति और विरासत को 1938 से दुनिया भर में फैला रहा है। इंफोसिस के सौजन्य से यह सप्त दिवसीय भारतीय शास्त्रीय संगीत एवं सांस्कृतिक समारोह भारतीय बंसत ऋतु पर्व उत्सव सहित शानदार कला और संस्कृति के क्षेत्र में स्थानीय कलाकारों के लिए मिल का पत्थर साबित होगा। मीडिया के साथ बातचीत करते हुए उन्होंने कार्यक्रम के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि, इस कार्यक्रम में कुछ महान भारतीय शास्त्रीय स्वामी भाग लेंगे और अपने शानदार प्रदर्शन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। साथ ही उन्होंने आगे कहा कि, इस उत्सव का उद्देश्य भारत के समृद्ध और विविध सांस्कृतिक विरासत का सामंजस्य विशेष रूप से संगीत और समकालीन कलाकारों को प्रदर्शित करने का अवसर है। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में देशभर से अधिकांश कलाकार भाग लेंगे और वह भारतीय संगीत के विशिष्ट विषयों को आगे बढ़ा कर ले जाएंगे जिसका सीधा प्रभाव आगामी पीढ़ी को संस्कृति को समझने में सार्थकता हासिल होगी।

इंफोसिस सौजन्य शास्त्रीय संगीत समारोह शुभारंभ सराहना सहित साधुवाद सुयोग्य
इंफोसिस फाउंडेशन ऑफ इंडिया के सौजन्य से आयोजित सात दिवसीय शास्त्रीय संगीत एवं सांस्कृतिक समारोह के शुभारंभ के लिए निदेशक द्वारा सराहना करते हुए इंफोसिस का आभार व्यक्त किया गया। उन्होंने कहा कि भारतीय भाषा संस्कृत और संस्कृति को आगे बढ़ाने में इंफोसिस सदैव सार्थक सिद्ध हुआ है। निदेशक ने कहा कि इंफोसिस फाउंडेशन ऑफ़ इंडिया के सौजन्य से दिल्ली केन्द्र स्थित भारतीय विद्या भवन में आयोजित इस समारोह के लिए भवन स्टाॅफ़ सदस्यों एवं प्रतिनिधियों के लिए प्रसन्नता का क्षण है। उन्होंने इंफोसिस पर अधिक प्रकाश डालते हुए बताया कि, पूर्व में इंफोसिस फाउंडेशन ऑफ इंडिया एक आईटी कंपनी थी। इस संस्थान के संस्थापक द्वारा इंफोसिस फाउंडेशन की स्थापना की गई थी। भारतीय संस्कृति के विस्तार में इंफोसिस का अहम योगदान रहा है। इस वर्ष संस्था द्वारा भारत के विभिन्न भागों में संगीत संबन्धित समारोह को आगे बढ़ाने के प्रयास में सफलता हासिल की है। भारतीय विद्या भवन में आयोजित सात दिवसीय शास्त्रीय संगीत सांस्कृतिक समारोह का वित्तिय सहयोग भी इंफोसिस फाउंडेशन ऑफ इंडिया द्वारा किया जा रहा है। इस सन्दर्भ में उन्होंने इंफोसिस का आभार व्यक्त किया।
स्थानीय कलाकारों को मिलेगा सुनहरा अवसर
गौरवशाली भारत से वार्ता में भारतीय विद्या भवन के फिल्म एंड टीवी अध्ययन विभाग के मीडिया समन्वयक रमेश प्रसाद साहू ने बताया कि, सप्त दिवसीय समारोह के दौरान अलग-अलग अंदाज़ और अदाकारी द्वारा अद्भुत अविश्वसनीय अकल्पनीय प्रस्तुति सहित भारतीय संस्कृति पर बल देते हुए विभिन्न सांस्कृतिक संगीत के माध्यम से बंसत ऋतु उत्सव को विस्तार से प्रस्तुत किया जाएगा। क्लासिकल कर्नाटक वोकल एवं भजन के साथ कलबेलिया संगीत और पंजाबी परंपराओं की छवी और संस्कृति के समन्वयक से एकल/समूह नृत्य संगीत प्रस्तुत किया जाएगा। देशभर से विभिन्न कलाकारों की अनेक कलाओं द्वारा उम्दा प्रदर्शन प्रस्तुति से सभागार में साक्षी इस समारोह में विभिन्न प्रकार के संगीत के अंगो का आनंद ले सकेंगे और भारतीय संस्कृति की विस्तृत जानकारी हासिल करेंगे। इन सभी कलाओं का प्रमुख उद्देश्य भारत के राज्यों की विभिन्न परंपराओं और संस्कृति को पहचान दिलाना है। विशेषकर सात दिनों में स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहन मिलेगा। प्रतिष्ठित मशहूर नामी ग्रामी तो बड़े-बड़े प्रोग्रामों में जाते हैं। लेकिन, शास्त्रीय संगीत में निपुण स्थानीय कलाकारों के लिए सुनहरा अवसर है। कार्यक्रम वाॅकल फॉर लोकल पर आधारित मुहिम को लेकर है। लोकल आर्टिस्ट को प्लेटफार्म देने के लिए भारतीय विद्या भवन कोशिश कर रहा है। जो स्थानीय शास्त्रीय संगीतकार हैं। इनको भी मंच मिले, इनको भी लोग जाने और इनको भी प्रोत्साहन मिले। भा.वि. भवन द्वारा सभी स्थानीय कलाकारों को बड़े पर्दे पर लाने का सिलसिला लगातार प्रयासरत है। भारतीय विद्या भवन दिल्ली केंद्र के साथ इंफोसिस फाउंडेशन ऑफ इंडिया द्वारा भारतीय शास्त्रीय संगीत एवं सांस्कृतिक समारोह के सात दिवसीय आयोजन के लिए सराहनीय सहयोग है। इस समारोह में शास्त्रीय संगीत के प्रतिष्ठित एवं मशहूर कलाकार उस्ताद को आमंत्रित किया गया है।
