शिमला : लंबित महंगाई भत्ता (डीए) व एरियर के मुद्दे पर मचे बवाल के बीच गुटों में बंटे प्रदेश कर्मचारी महासंघ के प्रदीप ठाकुर और त्रिलोक चौहान गुट ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से सचिवालय में मुलाकात की है। कर्मचारियों के विभिन्न मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री से जेसीसी बुलाने की मांग की है। सचिवालय सेवाएं कर्मचारी महासंघ के प्रदर्शन के बाद दोनों कर्मचारी महासंघ गुट की यह मुलाक़ात काफी अहम थी जिसमें मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों की मांगों को लेकर थोड़ा वक्त मांगा है और मुद्दों के समाधान का आश्वासन दिया है।
श्री सुक्खू से शनिवार को विभिन्न अराजपत्रित कर्मचारी और शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों ने भेंट की और अपनी मांगों से अवगत करवाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी अधिकारी और कर्मचारी उनके परिवार के सदस्य हैं और उनकी सभी जायज मांगों पर सहानूभतिपूर्वक विचार किया जाएगा। कर्मचारियों के महंगाई भत्ते और एरियर जारी करने की मांग के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि वह एक माह के भीतर राज्य की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करेंगे। उन्होंने सितंबर 2024 के अंत में कर्मचारी संगठनों के साथ फिर से बैठक करने का आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों को महंगाई भत्ता और अन्य लाभ जारी करने के लिए प्रतिबद्ध है और राज्य की वित्तीय स्थिति में सुधार के साथ ही कर्मचारियों को सभी लाभ जारी कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि फायदे में चल रहे सभी बोर्डों और निगमों के कर्मचारियों को वित्तीय लाभ सुनिश्चित करने के लिए महंगाई भत्ता और एरियर जारी करने के निर्देश जारी किए गए हैं। श्री सुक्खू ने कर्मचारियों से प्रदेश के लोगों के हितों की रक्षा के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करने का आह्वान किया।
श्री सुक्खू से मुलाकात के बाद कर्मचारी महासंघ (प्रदीप गुट) के अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री से मिलकर कर्मचारियों के मुद्दों को लेकर चर्चा हुई है जिसमें कुछ मांगों को सीएम ने माना भी है। महासंघ ने खाली पदों में भर्ती, बिजली बोर्ड के कर्मचारियों को व्च्ै, एरियर और डीए की अदायगी, अनुबंध कर्मचारियों को साल में दो बार नियमित करने, करुणामूलक को नौकरी सहित तमाम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई है।
एरियर और डीए को लेकर मुख्यमंत्री ने कुछ समय मांगा है और एक महीने बाद फिर से बैठक करने को कहा है। जेसीसी की बैठक को भी शीघ्र बुलाने की सीएम ने बात कही है। वहीं प्रदीप ठाकुर ने सचिवालय सेवाएं कर्मचारी महासंघ को समर्थन देते हुए कहा कि वह कर्मचारियों की मांगों को लेकर उनके साथ है लेकिन भाषा की मर्यादा का सचिवालय सेवाएं कर्मचारी महासंघ को ख्याल रखना चाहिए।
वहीं अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के त्रिलोक गुट ने भी मुख्यमंत्री से कर्मचारियों के मुद्दों को लेकर मुलाकात की और जेसीसी की बैठक बुलाए जाने की मांग सहित लंबित एरियर और डीए को जारी करने की मांग की। श्री चौहान ने अपने गुट को असली अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ करार देते हुए कहा कि 90 विभागों के कर्मचारी उनके महासंघ से जुड़े हैं और उनको ही सरकार मान्यता देगी।
वहीं सचिवालय सेवाएं कर्मचारी महासंघ के समर्थन के सवाल से पल्ला झाड़ते हुए श्री चौहान ने कहा कि वह सचिवालय कर्मचारियों की मांगों को लेकर ज्यादा अवगत नहीं है और मुख्यमंत्री से अगली बैठक के बाद ही आगामी निर्णय लेंगे।
अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के गुटों ने की सुक्खू से मुलाकात
