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चालू वित्त वर्ष में 7.4 प्रतिशत रहेगी विकास दर

नई दिल्ली : उद्योग संगठन पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) ने आज कहा कि चालू वित्त वर्ष में आर्थिक विकास दर 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है और वर्ष 2024 में महंगाई के काबू में रहने पर रिजर्व बैंक नीतिगत दरों में एक प्रतिशत तक की कटौती कर सकता है। संगठन के पीएचडी रिसर्च ब्यूरो द्वारा न्यू ईयर इकोनॉमिक्स पीएचडीसीसीआई इकोनॉमिक आउटलुक 2024 में ये बाते कही गयी है। पीएचडीसीसीआई के मुख्य अर्थशास्त्री एवं उप महासचिव डॉ एस पी शर्मा ने आज यहां इस रिपोर्ट को जारी करते हुये कहा कि अगले वित्त वर्ष में विकास दर 7.5 प्रतिशत तक रह सकती है। उन्होंने कहा कि भारत 2024 और 2025 में शीर्ष 10 अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे सुदृढ़ अर्थव्यवस्था होगी।
डॉ शर्मा ने कहा कि उनके संगठन का यह विश्लेषण सकल घरेलू वृद्धि, निर्यात, सकल राष्ट्रीय आय, निवेश और जीडीपी की तुलना में ऋण सहित प्रमुख व्यापक आर्थिक संकेतकों पर आधारित है। विकसित भारत की गतिशील पहल के साथ वर्ष 2047 तक विकसित अर्थव्यवस्था का दर्जा प्राप्त करने के लिए तैयार है। पिछले दो वर्षाें में लगातार सकल आर्थिक विकास के सात प्रतिशत से अधिक होने और मौजूदा वर्ष में भी इस प्रवृत्ति के जारी रहने का अनुमान है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में भारतीय अर्थव्यवस्था चार लाख करोड़ डॉलर को पार कर जायेगी और वर्ष 2026-27 में यह पांच लाख करोड़ डॉलर के पार होगी। वर्ष 2030 में भारत सात लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि विपरी वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था सुदृढ़ बनी हुयी है। भू राजनीतिक संघर्श विश्व को नया आकार दे रहे हैं और वैश्विक मूल्य श्रृखलांओं को बाधित कर रहे हैं जिससे मुद्रास्फीतिक दबाव पैदा हो रहे हैं। हालांकि भारत को भू राजनीतिक महत्व काफी बढ़ रहा है और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से प्रशंसा अर्जित कर रहा है।
डॉ शर्मा ने कहा कि महंगाई विशेषकर खुदरा महंगाई के आने वाले दिनों में और नरम पड़ने के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की फरवरी में होने वाली बैठक में नीतिगत दरों में कमी की उम्मीद नहीं है लेकिन वर्ष 2024 में महंगाई के लक्षित दायरे के करीब आने पर 100 आधार अंकों तक की कमी करने का आधार बन सकता है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में औसत खुदरा महंगाई के 4.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है और इस दायरे में महंगाई के आने पर रिजर्व बैंक नीतिगत दरों विशेषकर कर रेपो दर में एक फीसदी की कमी कर सकता है। उन्होंने कहा कि शेयर बाजार में जारी तेजी के अभी बने रहने की संभावना है और वर्ष 2024 में बीएसई का सेंसेक्स 75 हजार अंक के स्तर को और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के निफ्टी के 25 हजार अंक के स्तर को पार करने की संभावना है।

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