गौरवशाली भारत

देश की उम्मीद ‎‎‎ ‎‎ ‎‎ ‎‎ ‎‎

हेल्पएज इंडिया-निमहंस के सहयोग से वरिष्ठ नागरिकों के मदद की पहल

नयी दिल्ली : भारत में मनोचिकित्सकों की कम संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए नीति आयोग के एक शीर्ष स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने देश भर में अवसाद और मनोभ्रंश से पीड़ित वरिष्ठ नागरिकों को मनोचिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए ‘हेल्पएज इंडिया और निमहंस’ द्वारा 10 हजार मानसिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने की पहल का स्वागत किया है।
संयुक्त राष्ट्र के ’अंतरर्ष्ट्रीय वृद्धजन दिवस’ की पूर्व संध्या पर, हेल्पएज इंडिया ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंसेज (निमहंस) के सहयोग से बुजुर्गों की मानसिक मजबूती के लिए समुदाय आधारित पहल ’सार्थक’ की शुरुआत की है। मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में अग्रणी निमहंस का ’नेशनल प्रोग्राम फॉर हेल्थ केयर ऑफ एल्डरली’ (एनपीएचसीई) इस क्षेत्र में तकनीकी सहायता दे रहा है।
हेल्पएज इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) श्री रोहित प्रसाद ने एक बयान में कहा कि कोरोना महामारी के दौरान अकेलेपन के कारण अधिकतर बुजुर्ग अवसाद से ग्रस्ति पाए गए। पिछले साल बुजुर्गों को लेकर किये गये सर्वेक्षण में पता चला कि लगभग 36 फीसदी बुजुर्ग अपनों से बात करने के लिए तरस रहे थे और 47 फीसदी बुजुर्गों ने महसूस किया कि उनका भविष्य अंधकारमय है। उन्होंने कहा कि उनके मानसिक संबंधी बीमारी को दूर करने के लिए निमहंस के साथ इस सहयोग के माध्यम से, हम हेल्पएज इंडिया में सामुदायिक देखभाल करने वालों को प्रशिक्षण दे रहे हैं और मानसिक स्वास्थ्य देखभाल वितरण प्रणाली में मदद करके इस समस्या के हल की उम्मीद कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य यह है कि 10 हजार गैर-विशिष्ट स्वास्थ्य कार्यबल और सामुदायिक देखभाल करने वालों को सक्षम बनाना है और बुजुर्गों के बीच मानसिक संबंधी बीमारियों की पहचान करके, जल्द समाधान करना है। निमहंस में मनोचिकित्सा के एडीशनल प्रोफेसर डॉ. पी.टी. शिवकुमार ने कहा, “हेल्पएज इंडिया के साथ निमहंस का यह सहयोग, प्रत्येक श्रेणी के लिए एक अनुकूलित मॉड्यूल के माध्यम से गैर-विशिष्ट स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और सामुदायिक देखभाल करने वालों की विभिन्न श्रेणियों को प्रशिक्षण प्रदान करने में मदद करेगा, जिससे वे बुजुर्गों के मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को समझने में सक्षम हो सकें और इस समस्या का जल्द निवारण कर सकें।”
उन्होंने कहा कि हेल्पएज इंडिया ने 2021 में महामारी के दौरान करीब पांच हजार बुजुर्गों के बीच एक सर्वेक्षण किया था जिसमें से लगभग 60 फीसदी बुजुर्गों ने अलगाव की भावना से पीड़ित पाए गए और 40 फीसदी वरिष्ठजनों ने अपनी उदासी को लेकर जिक्र किया।
दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में इस पहल की लांचिंग के मौके पर डॉ. रितु राणा, मिशन हेड-हेल्थकेयर, हेल्पएज इंडिया और डॉ. पी.टी. शिवकुमार, प्रोफेसर और हेड, जेरियाट्रिक साइकियाट्री यूनिट, निमहंस , नीति आयोग के सदस्य विनोद के पॉल और राकेश भारती मित्तल, पूर्व अध्यक्ष सीआईआई, वीसी, भारती एंटरप्राइजेज के साथ-साथ सुश्री रुमझुम चटर्जी, वाइस चेयरपर्सन, हेल्पएज इंडिया, सहित अन्य अतिथि शामिल हुए।
इस कार्यक्रम में बुजुर्गों के कल्याण में सहयोगी और समर्थक कॉरपोरेट्स, सरकारी एजेंसियों, स्कूलों, समुदाय-आधारित संगठनों, संघों जैसे कई क्षेत्रों के चेंजमेकर्स को भी सम्मानित किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *