नई प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश
नैनीताल : उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने अदालत में सरकार की सुस्त कार्य शैली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रदेश सरकार को नई कार्य संस्कृति विकसित करने के निर्देश दिये हैं। अदालत ने सुनवाई के दौरान यह भी हिदायत दी है कि यदि आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है तो संबद्ध के खिलाफ भारी जुर्माना लगाने में भी अदालत हिचकेगी नहीं।
दरअसल मुख्य न्यायाधीश रितु बाहरी और न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की युगलपीठ में कुछ दिन पहले उपभोक्ता अदालतों में आरक्षण को लेकर सुनवाई चल रही थी। इस मामले में केन्द्र के साथ ही प्रदेश सरकार प्रतिवादी है। अदालत ने जब प्रदेश सरकार से उसका पक्ष जानना चाहा तो सरकार की ओर से जवाब के लिये समय की मांग की गयी।
अदालत इससे संतुष्ट नजर नहीं आयी और कहा कि सरकार को चार दिन पहले मामले से जुड़ी कॉपी उपलब्ध कराने के बावजूद सरकारी अधिवक्ता की ओर से संबद्ध महकमे से निर्देश प्राप्त नहीं किये गये। अदालत ने हालांकि सरकार को जवाब देने के लिये समय की मोहलत दे दी लेकिन साथ ही कहा कि इस रवैये से अदालत का समय नष्ट होता है और न्यायिक प्रक्रिया बाधित होती है। अदालत ने अपने आदेश में भी राज्य सरकार को नई प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिये हैं।
